- नए जिलों में आती हैं 6 विधानसभा की सीटें
- मतगणना के बाद स्पष्ट होगा जनता का रुख
भोपाल। 26 नवंबर 2023
प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान हो चुके हैं। अब सभी को नतीजों का इंतजार है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपनी जीत के लिए आश्वस्त भी दिखाई दे रहे हैं। चुनाव को अपने नाम करने के लिए दोनों ही दलों ऐड़ी चोटी का जोर भी लगा दिया। हालांकि मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस दल ने कितना जोर मारा और जनता का रुझान अपनी ओर करने में सफलता हासिल की। भाजपा खेमे में सीएम शिवराज सिंह चौहान #cmshivrajsingh द्वारा हालही में बनाए गए नए जिलों की 6 सीटों पर पूरा दम भरा जा रहा है। सीएम शिवराज ने चुनाव से ठीक पहले ही मऊगंज, पांढुर्ना और मैहर को जिला बना था। सीएम ने कुल 5 जिलों को बनाने का ऐलान किया, जिसमें नागदा और पिछोर भी शामिल थे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन नए जिलों में क्या स्थिति है और इसका फायदा किस पार्टी को हुआ।
मऊगंज जिले के हाल—
विंध्य क्षेत्र के अंतर्गत रीवा से पृथक कर मऊगंज #mauganj जिले को बनाया गया है। इसमें मऊगंज और देवतालाब दो विधानसभा सीटें आती हैं। मऊगंज में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। वहीं देवतालाब में त्रिकोणीय मुकाबला है, जहां बीजेपी और कांग्रेस के अलावा बीएसपी भी जोर लगा रही है। जिला बनने के बाद मऊगंज का मुकाबला काफी दिलचस्प नजर आ रहा है।
पांढुर्ना में कौन आगे—
पूर्व सीएम व कांग्रेस नेता कमलनाथ के प्रभाव वाले छिंदवाड़ा जिले से अलग कर पांढुर्ना #Pandhurna जिले में पांढुर्ना और सौंसर दो विधानसभा सीटें आती हैं। पांढुर्ना को जिला बनाने को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही थी, सीएम शिवराज ने चुनाव से ठीक पहले इसे जिला बनाने का ऐलान किया, जिसका फायदा बीजेपी को मिलता दिखाई दे रहा है। यहां की दोनों सीटों पर चर्चा की जाए तो पांढुर्ना और सौंसर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच काफी नजदीकी मुकाबला देखने को मिल सकता है।
मैहर में त्रिकोणीय मुकाबला
विंध्य क्षेत्र में सीएम शिवराज ने रीवा संभाग के सतना से अलग कर मैहर #maihar को भी ठीक चुनाव से पहले जिले का दर्जा प्रदान किया था। इस जिले में मैहर और अमरपाटन दो विधानसभा सीटें आती हैं। यहां भाजपा के लिए चुनौती होंगे पिछली विधानसभा में भाजपा से विधायक रहे नारायण त्रिपाठी जोकि टिकट नहीं मिलने के बाद इस बार विंध्य जनता पार्टी से चुनाव मैदान में हैं। इनकी मैहर क्षेत्र में मजबूत पकड़ मानी जाती है, वे वर्तमान में विधायक भी हैं। मैहर को हालांकि सीएम शिवराज ने जिला घोषित किया है, लेकिन नारायण त्रिपाठी लंबे समय से इसके लिए मांग कर रहे थे। यहां भाजपा कांग्रेस के अलावा नारायण त्रिपाठी के बीच त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल सकता है।
नागदा और पिछोर को जिला बनाने का ऐलान भी सीएम शिवराज ने किया। इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही जनता के बीच गए हैं। ऐसे में देखना होगा कि नए जिला बनने से किस पार्टी को कितना फायदा मिल पाता है।



