भोपाल : 26 दिसंबर , 2023 (प्योरपॉलीटिक्स)
मोहन यादव की युवा कैबिनेट में 13 ओबीसी, 18 नए चेहरे,
-कैबिनेट में 18 चेहरे ऐसे हैं, जो पहली बार कैबिनेट में आए
-मोहन कैबिनेट में अब मंत्रियों की संख्या 31 हो गई है, इनमें 13 ओबीसी, पांच एससी, पांच एसटी और आठ सामान्य वर्ग के मंत्री शामिल
वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों की झलक मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की कैबिनेट के पहले विस्तार में देखने को मिली। सोमवार को राजभवन में आयोजित सादे समारोह में 28 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, इनमें से 12 ओबीसी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं। गौरतलब है कि भाजपा की राजनीति इन दिनों ओबीसी वर्ग के इर्द-गिर्द ही घूम रही है। नईदुनिया ने 19 दिसंबर को प्रकाशित खबर में बता दिया था कि मोहन कैबिनेट ओबीसी बहुल होगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा दिलाई गई पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने वाले मंत्रियों में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, चार बार सांसद रहे राकेश सिंह, उदय प्रताप सिंह शामिल हैं। मोहन कैबिनेट में अब मंत्रियों की संख्या 31 हो गई है, इनमें 13 ओबीसी, पांच एससी, पांच एसटी और आठ सामान्य वर्ग के मंत्री शामिल हैं। अब कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 21 और राज्य मंत्रियों की संख्या 10 है। इनमें स्वतंत्र प्रभार वाले छह मंत्री हैं। पार्टी ने सभी संसदीय सीटों से एक-एक मंत्री को शामिल करने की नीति बनाई थी लेकिन छह लोकसभा क्षेत्र से कोई मंत्री नहीं बनाया गया। कुल 35 सदस्यीय कैबिनेट में फिलहाल चार पद रिक्त हैं। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
शिवराज सरकार के दस मंत्री बाहर- शिवराज सरकार के दस मंत्रियों को इस बार नई सरकार में अवसर नहीं मिल पाया। इनमें गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, मीना सिंह, डा.प्रभुराम चौधरी, उषा ठाकुर, ओमप्रकाश सकलेचा, हरदीप सिंह डंग, बृजेंद्र सिंह यादव, बृजेंद्र प्रताप सिंह और बिसाहूलाल सिंह मंत्री नहीं बन पाए।
शिवराज सरकार के छह मंत्रियों की वापसी- विजय शाह, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, इंदर सिंह परमार, विश्वास सारंग और प्रद्युम्न सिंह तोमर को एक बार फिर मंत्री बनाया गया है। कैबिनेट में 18 चेहरे ऐसे हैं, जो पहली बार कैबिनेट में आए हैं। पहली बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले सात मंत्रियों को भी इस बार मंत्री बनने का मौका मिला है। कैलाश विजयवर्गीय की लगभग सवा आठ वर्ष बाद कैबिनेट में वापसी हुई है। पिछले महीने हुए चुनाव में 230 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के 163 और कांग्रेस के 66 व एक निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीते थे।
सिंधिया समर्थकों की संख्या घटी- मोहन यादव कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मंत्रियों की संख्या घट गई है। पिछली सरकार में सिंधिया के कोटे से दस मंत्री थे लेकिन इस बार मात्र तीन मंत्री ही शामिल किए गए। इनमें प्रद्युम्न सिंह तोमर, गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट शामिल हैं। शपथ लेने के पहले तोमर ने दंडवत होकर सिंधिया के पैर छुए।
ये बने कैबिनेट मंत्री- विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, तुलसीराम सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर, उदय प्रताप सिंह, संपतिया उइके, एदल सिंह कंषाना, निर्मला भूरिया, नारायण सिंह कुशवाह, नागर सिंह चौहान, राकेश शुक्ला, चेतन कुमार काश्यप, इंदर सिंह परमार।
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार- कृष्णा गौर, धर्मेंद्र सिंह लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन पटेल, नारायण सिंह पवार।
राज्य मंत्री- नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, दिलीप अहिरवार, राधा सिंह।
कैबिनेट मंत्री- विधानसभा में टर्म — वर्ग– विधानसभा क्षेत्र
कैलाश विजयवर्गीय –सातवां- सामान्य- इंदौर-1
प्रहलाद सिंह पटेल- पहला – ओबीसी -नरसिंहपुर
कुंवर विजय शाह- आठवां – एसटी–हरसूद
राकेश सिंह– पहला — सामान्य– जबलपुर पश्चिम
करण सिंह वर्मा– आठवां– ओबीसी– इछावर
राव उदय प्रताप सिंह – दूसरा — ओबीसी– गाडरवारा
संपतिया उइके–पहला — एसटी– मंडला
तुलसी सिलावट– छठवां– एससी– सांवेर
एंदल सिंह कंसाना–पांचवा — ओबीसी– सुमावली
निर्मला भूरिया– -पांचवा– एसटी — पेटलावद
गोविंद सिंह राजपूत– पांचवा — सामान्य–सुरखी
विश्वास सारंग– चौथा– सामान्य–सांवेर–
नारायण सिंह कुशवाह –चौथा — ओबीसी –ग्वालियर दक्षिण
नागर सिंह चौहान -चौथा -एसटी– ग्वालियर
प्रद्युम्न सिंह तोमर-चौथा- ग्वालियर — सामान्य
राकेश शुक्ला– तीसरा — सामान्य– मेहगांव
चैतन्य काश्यप–तीसरा- सामान्य– रतलाम सिटी
इंदर सिंह परमार-तीसरा-ओबीसी- शुजालपुर-
राज्य मंत्री
कृष्णा गौर (स्वतंत्र प्रभार)–दूसरा – ओबीसी– गोविंदुपरा
धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी (स्वतंत्र प्रभार)-दूसरा- ओबीसी -जबेरा
दिलीप जायसवाल (स्वतंत्र प्रभार)-दूसरा- ओबीसी- कोतमा
गौतम टेटवाल (स्वतंत्र प्रभार)-दूसरा- एससी- सारंगपुर
नारायण सिंह पंवार (स्वतंत्र प्रभार) -दूसरा- ओबीसी- ब्यावरा
लखन पटेल (स्वतंत्र प्रभार) -दूसरा- ओबीसी– दमोह
नरेंद्र शिवाजी पटेल -पहला- ओबीसी-उदयपुरा
प्रतिमा बागरी – पहला- एससी- रैगांव
दिलीप अहिरवार -पहला- एससी – चांदला
राधा सिंह–पहला- एसटी-चितरंगी
इन लोकसभा क्षेत्रों से कोई नहीं बना मंत्री
बालाघाट, छिंदवाड़ा, धार, गुना , खंडवा और खरगोन।
(इनमें छिंदवाड़ा में भाजपा एक भी सीट नहीं जीती थी)



