क्या दिग्विजय सिंह ‘जनरेशनल शिफ्ट’ के मूड में?

Date:

सक्रिय राजनीति से हटने के संकेत देकर मचाई हलचल, इंटरनेट मीडिया की पोस्ट चर्चा में

साकेत सिंह, भोपाल। मार्च 2026

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक ऐसे रहस्यमयी नेता हैं, जिनके बारे में कोई कयास नहीं लगाए जा सकते हैं। क्या कह रहे हैं और क्या करेंगे, इसका अनुमान भी सही नहीं बैठ पाता है। अब उनकी इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट ने इन दिनों राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है।

इस पोस्ट के आने के बाद लोग कयास लगा रहे हैं कि राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद क्या दिग्विजय राजनीति से संन्यास ले सकते हैं। दरअसल, उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर एक सेवानिवृत बैंक मैनेजर शिवानंद मंजा की एक पोस्ट शेयर की है। शिवानंद सेवानिवृत्ति के बाद भारत भ्रमण पर निकल जाते हैं। फिर उन्होंने प्रश्न किया- ‘मेरी सेवानिवृत्ति योजनाएं? हो सकता है। क्यों नहीं?’ उनके इस वाक्य के आधार पर कयासों का दौर चल पड़ा है।

गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल इसी वर्ष समाप्त होने वाला है। उन्होंने राज्यसभा का तीसरा कार्यकाल लेने से इन्कार कर दिया है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान भी कर दिया था।


क्या मार्गदर्शक की भूमिका में आएंगे दिग्विजय-

दिग्विजय सिंह, मध्य प्रदेश की राजनीति का वो चेहरा हैं जिसे कुछ लोग ‘चाणक्य’ मानते हैं, तो कुछ ‘विवादों का केंद्र’। इंटरनेट मीडिया में उनकी एक पोस्ट ने सूबे की सियासत में हलचल मचा दी है। इसे लिखकर उन्होंने न केवल अपनी विदाई के संकेत दिए, बल्कि कांग्रेस के भीतर एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट भी पैदा कर दी है।

  • राज्यसभा कार्यकाल: यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे तीसरी बार संसद के इस उच्च सदन में नहीं जाना चाहते।

  • संगठन की शक्ति: दिग्विजय मध्य प्रदेश कांग्रेस के सबसे बड़े रणनीतिकार रहे हैं। कार्यकर्ताओं के साथ उनका निजी जुड़ाव और बूथ लेवल तक की पकड़ बेजोड़ है। उनके हटने से पार्टी के भीतर समन्वय की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।

  • पीढ़ी परिवर्तन: दिग्विजय का राजनीति से हटना प्रदेश में जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जैसे युवा नेताओं के लिए पूरी तरह कमान संभालने का रास्ता साफ करेगा। यह ‘कमलनाथ-दिग्विजय’ युग के अंत और एक नई ऊर्जा वाली कांग्रेस की शुरुआत हो सकती है।

  • भाजपा का नजरिया: ‘दिग्गी राजा’ हमेशा से भाजपा के लिए एक साफ्ट टारगेट रहे हैं। तुष्टीकरण और विवादास्पद बयानों के आरोपों के आधार पर भाजपा उन्हें घेरने का कोई अवसर नहीं छोड़ती है। उनके हटने से बीजेपी को अपना चुनावी नैरेटिव बदलने पर मजबूर होना पड़ेगा।


पहले भी चौंका चुके हैं दिग्विजय-

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को जो लोग जानते हैं, वे मानते हैं कि उन्होंने जब जो कहा, उसका पालन भी किया है। वर्ष 2003 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार न बन पाने पर उन्होंने अगले 10 वर्ष तक कोई पद न लेने की बात कही थी। पराजय के बाद उन्होंने इस संकल्प का पालन भी किया। संकल्प पूरा होने के बाद वे वर्ष 2014 में पहली बार राज्यसभा में गए।

कहा जा रहा है कि अब दिग्विजय सिंह अगले ढाई वर्ष तक मध्य प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत कर राज्य में कांग्रेस सरकार बनाने की राह बनाएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को उन्होंने एक रोडमैप बनाकर दिया है। हालांकि कुछ दिनों पहले के उनके एक बयान को याद किया जाए तो सन्यास लेने जैसी किसी बात पर भरोसा नहीं होता है। उन्होंने जनवरी में कहा था कि ‘न टायर्ड हूं और न ही रिटायर होने जा रहा हूं’ यही वजह है कि उनके सन्यास लेने जैसी बात भरोसे के लायक नहीं लग रही है।


मेंटोर यानी मार्गदर्शक की भूमिका में आ सकते हैं दिग्विजय

जेन जी (Gen Z) और युवा पीढ़ी के नजरिए से दिग्विजय सिंह का यह कदम एक महत्वपूर्ण ‘जनरेशनल शिफ्ट’ (पीढ़ीगत बदलाव) का संकेत हो सकता है।

  • युवा नेतृत्व की आकांक्षा: आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) ऐसे नेताओं से जुड़ना पसंद करती है जो उनकी भाषा समझते हों और तकनीक व आधुनिक मुद्दों पर पकड़ रखते हों। जयवर्धन सिंह (38 वर्ष) जैसे नेता इस मापदंड पर फिट बैठते हैं और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

  • मार्गदर्शक की भूमिका: राजनीति से पूरी तरह हटने के बजाय, वरिष्ठ नेताओं का पीछे हटना युवाओं के लिए रास्ता साफ करता है। इससे अनुभवी नेता ‘मार्गदर्शक’ की भूमिका में आ जाते हैं, जबकि जयवर्धन सिंह जैसे युवा नेता ज़मीनी स्तर पर कमान संभाल सकते हैं।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
4
+1
0

Author

- Advertisement -
Saket Singh
Saket Singhhttp://purepolitics.in
MBA in Media Management from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication, Bhopal

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

spot_img

Popular

More like this
Related

वंदे मातरम् विवाद: रुबीना खान का यू-टर्न, बोलीं—राष्ट्रगीत का करती हूं सम्मान

बजट बैठक विवाद पर सियासत तेज, रुबीना खान बोलीं—गुस्से...

नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी, सीएम ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति...

देवास कलेक्टर कार्यालय में फर्जीवाड़ा, बाबुओं ने जारी किए नकली आदेश

देवास कलेक्टर कार्यालय में फर्जी दस्तावेजों के जरिए आदिवासी...

दवाइयों और मेडिकल जांच दरों में अंतर पर हाईकोर्ट में याचिका, आज सुनवाई संभव

इंदौर। दवाइयों और मेडिकल जांच की कीमतों में भारी...