वीआईपी संस्कृति बंद,मध्य प्रदेश में मंत्रियों का आयकर अब सरकार नहीं भरेगी

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भोपाल : 25 जून, 2024 (प्योरपॉलीटिक्स)

– मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में लिया गया निर्णय

– प्रतिवर्ष लगभग 79 लाख रुपये का आता था वित्तीय भार, मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर सबने दी सहमति
– तीन लाख 65 हजार करोड़ रुपये के बजट प्रस्तावों को दी स्वीकृति

मध्य प्रदेश में अब आम नागरिकों और अधिकारियों-कर्मचारियों की तरह आय पर लगने वाले आयकर का भुगतान मंत्री भी करेंगे। 1994 से चली आ रही मंत्रियों को वेतन-भत्ते पर लगने वाले आयकर का भुगतान सरकारी खजाने से किए जाने की व्यवस्था को बदलने का निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री डा.माेहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।इसके लिए संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, एक जुलाई से होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत होने वाले वर्ष 2024-25 के बजट प्रस्तावों काे स्वीकृति दी गई। इसमें पूर्व से संचालित सभी योजनाओं के लिए वित्तीय प्रविधान रखे गए हैं।

प्रदेश में वेतन तथा भत्ता अधिनियम 1972 में प्रविधान है कि मंत्री, राज्यमंत्री, उपमंत्री या संसदीय सचिव को मिलने वाले वेतन-भत्ते पर आयकर सरकार द्वारा दिया जाएगा। इस व्यवस्था को बंद करने की मांग समय-समय पर उठती रही है पर कभी निर्णय नहीं हुआ। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने इसे गलत माना और अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक लाने के निर्देश दिए। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग आनन-फानन में प्रस्ताव तैयार किया, जिसे कैबिनेट के समक्ष एक्स एजेंडेे के रूप में प्रस्तुत किया गया। डा.यादव ने कहा कि जब सभी अपनी आय पर टैक्स स्वयं देते हैं तो फिर मंत्रियों के लिए अलग से प्रविधान नहीं होना चाहिए। सभी मंत्रियों ने इस पर सहमति जताई और निर्णय लिया कि मंत्री वेतन-भत्ते पर लगने वाले आयकर स्वयं भरेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस सरकार के समय 1997 में यह प्रविधान करके 1994 से प्रभावी किया गया था। लगभग 79 लाख रुपये का व्यय मंत्रियों द्वारा जमा किए गए आयकर की प्रतिपूर्ति में व्यय होते हैं। अब इस प्रविधान में परिवर्तन के लिए संशोधन विधेयक लाया जाएगा। एक अन्य निर्णय में यह निर्धारित किया गया कि कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के अंतर्गत कम से कम दस हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का जो प्रविधान था, वह अब नहीं रहेगा। कम भूमि होने पर पौधारोपण किया जा सकेगा।
बलिदानी सैनिक के माता-पिता को मिलेगी आधी सम्मान निधि- नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि सरकार ने तय किया है कि सैनिक के बलिदान होने पर उसकी पत्नी को दी जाने वाली सम्मान निधि का आधा हिस्सा माता-पिता को भी दिया जाएगा। अभी तक यह पूरी राशि पत्नी को दी जाती थी लेकिन इंदौर सहित कुछ जगहों से ऐसे प्रकरण भी सामने आए जिसमें आश्रित माता-पिता को छोड़कर बलिदानी की पत्नी चली गई, जिससे उन्हें आगे के जीवनयापन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी को मिलेगी छात्रवृत्ति- अन्य राज्यों के सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों को भी अब सरकार छात्रवृत्ति देगी। इस समय मध्य प्रदेश के मूल निवासी 350 छात्र अन्य प्रांतों के सैनिक स्कूलों में पढ़ रहे हैं। इन्हें छात्रवृत्ति देने में लगभग ढाई करोड़ रुपये का व्यय आएगा।
कृषि स्नातक और सहकारी संस्थाएं चलाएंगे मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं- प्रदेश के सभी ब्लाकों में स्थापित मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं कृषि स्नातक और सहकारी संस्थाएं चलाएंगे। इसके लिए कैबिनेट ने तय किया है कि प्रत्येक प्रयोगशाला स्तर पर होने वाले 45-45 परीक्षण की राशि का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा। इसके बाद संचालनकर्ता प्रचार-प्रसार कर किसानों को प्रेरित करेगा और शुल्क लेगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि भूमि की स्थिति भी पता चल जाएगी।

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अन्य निर्णय

– मध्य प्रदेश सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह विधेयक 2024 को विधानसभा में किया जाएगा प्रस्तुत। पेरोल की अवधि अब सजा अलग होगी। अच्छे आचरण पर 14 दिन का फरलो मिलेगा यानी बाहर जा सकेंगे।
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सुधारात्मक सेवायें एवं बंदीगृह विधेयक, 2024 को विधानसभा में पुरःस्थापित कर पारित कराने का निर्णय लिया है। साथ ही समस्त कार्यवाही किये जाने के लिए जेल विभाग को अधिकृत किया गया है।

– रेलवे से संबंधित परियोजनाओं के लिए अब परिवहन के स्थान पर लोक निर्माण विभाग नोडल विभाग होगा।
– भारतीय खेल प्राधिकरण भोपाल का खेल गतिविधियों के संचालन के लिए गैरा ग्राम में एक एकड़ भूमि मात्र एक रुपये भूभाटक पर दी जाएगी।

– राजभवन के लिए 14 नए पदों की सहमति।
– अवैध रेत परिवहन रोकने के प्रयास में बलिदान हुए सहायक उपनिरीक्षक महेंद्र बागरी के स्वजन को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत-

– नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के बीच से होने के कारण नगर पालिका अधिनियम में किया जाएगा संशोधन।
– लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के मुख्य अभियंता केके सोनगरिया को एक वर्ष की संविदा नियुक्ति देने पर सहमति।

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