भोपाल : 7 दिसंबर , 2023 (प्योरपॉलीटिक्स)
तनाव, अनिद्रा और भाग-दौड़ की जिंदगी में हार्ट अटैक के मामले और इससे होने वाली मौतें बढ़ी हैं। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट में सामने आया है कि इसमें पुरुष महिलाओं की तुलना में पांच गुना तक ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2022 में एक हजार 670 लोगों की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई। इनमें एक हजार 477 यानी 86 प्रतिशत पुरुष थे। हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में मप्र देश में पांचवे नंबर पर है। सबसे अधिक 12 हजार 591 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में तीन हजार 434 लोगों की अचानक मौत हुई, इनमें 643 महिलाएं थी। एनसीआरबी की ‘एक्सीडेंटल डेथ एवं सुसाइड इन इंडिया 2022″ रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एससीआरबी) में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चंचल शेखर ने बताया कि एनसीआरबी में हार्ट अटैक के वह मामले आते हैं जो किसी कारण से पुलिस के पास पहुंचते हैं।
महिलाओं को दिल का दौरा कम पड़ता है। इसका बड़ा कारण यह कि महिलाओं में बनने वाले हार्मोन एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन आदि उन्हेें इससे बचाते हैं। एक समय बाद जब यह हार्मोन बनना कम या बंद हो जाते हैं तो उन्हें भी पुरुषों की तरह खतरा रहता है।
-डा. सुमित भटनागर, हृदय रोग विशेषज्ञ



