इंदौर डबल लेयर फ्लाईओवर का लोकार्पण: CM मोहन यादव ने दी बड़ी सौगात

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इंदौर डबल लेयर फ्लाईओवर: CM मोहन यादव ने किया प्रदेश के पहले थ्री-टियर फ्लाईआेवर का लोकार्पण, जानिए खासियतें

इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के लवकुश चौराहे पर ₹175 करोड़ की लागत से निर्मित इंदौर डबल लेयर फ्लाईओवर की एक भुजा का भव्य लोकार्पण किया। यह फ्लाईओवर आधुनिक तकनीक और उन्नत इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है, जो प्रदेश का पहला डबल लेयर (त्रिस्तरीय) फ्लाईओवर सिस्टम बन गया है।

लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “इंदौर और विकास एक दूसरे के पर्याय हैं।” उन्होंने कहा कि यह परियोजना आगामी सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत इंदौर-उज्जैन मार्ग पर यातायात को सुगम बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

 

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • ₹175 करोड़ की लागत: इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा 1450 मीटर लंबे इस भव्य फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है।

  • त्रिस्तरीय (Three-Tier) ट्रैफिक सिस्टम: प्रथम स्तर पर सामान्य चौराहा, दूसरे स्तर पर वर्तमान फ्लाईओवर व मेट्रो कॉरिडोर और तीसरे स्तर पर यह नया डबल लेयर फ्लाईओवर है।

  • 800 टन स्टील का उपयोग: 22 मीटर की ऊंचाई पर 400-400 टन वजनी दो विशाल स्टील बो-स्ट्रिंग गर्डर स्थापित किए गए हैं।

  • ट्रैफिक को मिली रफ्तार: फिलहाल अरबिंदो से बाणगंगा की ओर जाने वाली भुजा शुरू हुई है; दूसरी भुजा का निर्माण भी अंतिम चरण में है।

  • सिंहस्थ 2028 की तैयारी: इंदौर-उज्जैन मार्ग पर वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने और निर्बाध आवागमन के लिए यह बेहद अहम है।

इंजीनियरिंग का कमाल: क्यों खास है यह डबल लेयर फ्लाईओवर?

लवकुश चौराहे पर बना यह फ्लाईओवर इंजीनियरिंग की दृष्टि से मध्य प्रदेश में अपनी तरह का पहला प्रयोग है। 1450 मीटर लंबे इस कॉरिडोर में 22 मीटर की ऊंचाई पर 65 मीटर लंबे और 24 मीटर चौड़े स्पान पर भारी-भरकम स्टील गर्डर रखे गए हैं।

इस त्रिस्तरीय व्यवस्था से चौराहे पर होने वाली भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी। अरबिंदो अस्पताल की तरफ से आने वाला ट्रैफिक अब बिना किसी रुकावट के सीधे बाणगंगा की ओर निकल सकेगा।

               त्रिस्तरीय (3-Tier) ट्रैफिक व्यवस्था
                               │
 ┌─────────────────────────────┼─────────────────────────────┐
 ▼                             ▼                             ▼
स्तर 1: सामान्य सड़क         स्तर 2: मेट्रो व मेट्रो ग्रेड   स्तर 3: नया डबल लेयर
(लवकुश चौराहा)                फ्लाईओवर                      फ्लाईओवर (22 मी. ऊंचाई)

सिंहस्थ-2028 और इंदौर के विकास को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले भव्य सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं का आवागमन इंदौर के रास्ते ही होगा। इस फ्लाईओवर के शुरू होने से इंदौर-उज्जैन रोड पर लगने वाले जाम से स्थाई निजात मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधि तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ फ्लाईओवर का अवलोकन किया और IDA की निर्माण टीम की सराहना की।

निष्कर्ष (Conclusion)

इंदौर में बने प्रदेश के इस पहले डबल लेयर फ्लाईओवर का चालू होना मध्य प्रदेश के शहरी बुनियादी ढांचे (Urban Infrastructure) में एक नए युग की शुरुआत है। यह न केवल आम नागरिकों के दैनिक आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि विकसित इंदौर और विकसित मध्य प्रदेश की परिकल्पना को भी धरातल पर उतारेगा।

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Saket Singh
Saket Singhhttp://purepolitics.in
MBA in Media Management from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication, Bhopal

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