राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश संभावनाओं और आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना पर रखा विजन
भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) में 9,047 एकड़ क्षेत्र में 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव प्रस्तुत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की तीसरी एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश संभावनाओं, औद्योगिक कॉरिडोर तथा आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना के विकास से जुड़े विषयों पर राज्य सरकार का विजन रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं, उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से विकसित की जा रही औद्योगिक परियोजनाओं की जानकारी दी। मध्यप्रदेश द्वारा औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा आधुनिक, विश्वस्तरीय और निवेश-तैयार औद्योगिक अधोसंरचना विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।

बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री तथा एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला सीतारमण, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल तथा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री अशोक कुमार लाहिड़ी उपस्थित थे। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने औद्योगिक विकास और निवेश से जुड़े विषयों पर अपने-अपने राज्यों का विजन रखा।

मध्यप्रदेश को प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्र बनाने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है। आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश-अनुकूल नीतियों, प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं और उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के माध्यम से प्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन को निरंतर गति दी जा रही है।

बैठक में मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास योजनाओं की प्रस्तुति से प्रदेश की निवेश क्षमता और औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित किया गया।

भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के तहत 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव

भारत सरकार की BHAVYA योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश द्वारा फेज-I, राउंड-I में 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं। इन प्रस्तावों के तहत कुल 9,047.08 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक अधोसंरचना विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित परियोजनाओं की कुल DPR लागत 8,144.35 करोड़ रूपये है। इन औद्योगिक पार्कों को निवेश-तैयार और प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं से युक्त विकसित करने का लक्ष्य है। इससे प्रदेश में नए निवेश आकर्षित होने के साथ ही रोजगार के अवसरों का भी विस्तार होगा।

मध्यप्रदेश द्वारा राउंड-I के अंतर्गत प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों को राज्य के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में संतुलित रूप से वितरित किया गया है, ताकि औद्योगिक विकास के लाभ संपूर्ण राज्य में समान रूप से पहुंच सकें। प्रस्तावित 11 परियोजनाओं में अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर (उज्जैन), भेंसोला (धार), पिपलरावांन-पालीकालन (देवास-शाजापुर), IR रतलाम-पलसोड़ी, आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर (सीहोर), मसवासी ग्रांट (सागर), चैनपुरा (गुना), मोहना (ग्वालियर), धरमपुरा (जबलपुर), सिमरा (कटनी) और शिवसागर (रीवा) शामिल है।

इन परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल 9,000 एकड़ से अधिक है। भेंसोला औद्योगिक पार्क को टेक्सटाइल पार्क के रूप में प्रस्तावित किया गया है, जो धार स्थित भारत के सबसे बड़े PM MITRA पार्क का विस्तार होगा तथा वस्त्र क्षेत्र की संपूर्ण वैल्यू चेन को समाहित करेगा। इसके अतिरिक्त, ये इंडस्ट्रियल पार्क फार्मा, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट, सेमीकंडक्टर, IT एवं ITeS सहित विभिन्न क्षेत्रों को समर्थन प्रदान करेंगे तथा इनसे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर उत्पन्न करेंगे।

महिला कर्मियों के लिए आधुनिक सुविधाओं पर विशेष जोर

प्रदेश सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में महिला कर्मियों की सुविधा, सुरक्षा और कार्य के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष प्रयास कर रही है। इसके अंतर्गत डे-केयर सेंटर, CCTV आधारित सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं, आवश्यक यूटिलिटीज, कैंटीन तथा अन्य सुविधाओं से युक्त हॉस्टल विकसित किए जा रहे हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें सुरक्षित और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।

औद्योगिक कॉरिडोर और नोड्स से निवेश को मिलेगी नई गति

प्रदेश में विकसित किए जा रहे औद्योगिक कॉरिडोर और विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे औद्योगिक नोड्स प्रदेश की औद्योगिक अधोसंरचना को नई गति प्रदान कर रहे हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित हो रही इन परियोजनाओं तथा राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों का समन्वय प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने भी किया संबोधित

बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री तथा एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला सीतारमण ने विशेष संबोधन दिया। बैठक में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल तथा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री अशोक कुमार लाहिड़ी ने भी संबोधित किया।

बैठक में DPIIT के सचिव एवं NICDIT के चेयरमैन श्री अमरदीप सिंह भाटिया के स्वागत उद्बोधन दिया। इसके बाद NICDIT के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रजत कुमार सैनी ने औद्योगिक कॉरिडोर एवं परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तुतिकरण दिया।

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Saket Singh
Saket Singhhttp://purepolitics.in
MBA in Media Management from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication, Bhopal

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