भोपाल : 7 दिसंबर , 2023 (प्योरपॉलीटिक्स)
प्रदेश में वर्ष 2022 में अलग-अलग कारणों से 15 हजार 386 लोगों ने खुदकुशी कर ली। यह महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद सर्वाधिक है। देशभर में जितने लोगों ने जान दी उनमें नौ प्रतिशत मध्य प्रदेश के थे। इसके बाद बंगाल और कर्नाटक है। वर्ष 2021 की तुलना में खुदकुशी करने वाले 2.8 प्रतिशत अधिक थे। प्रतिलाख आबादी में यह लगभग 18 प्रतिशत है। हालांकि, प्रदेश के महानगर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में वर्ष 2021 की तुलना में इसमें गिरावट आई है।
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में तीन हजार 217 यानी 20.9 प्रतिशत लोगों ने बीमारी और पारिवारिक समस्या के चलते खुदकुशी की।
चिंता की बात यह है कि पिछले वर्ष एक हजार 340 विद्यार्थियों ने जान दे दी। इससे ज्यादा मात्र महाराष्ट्र और तमिलनाडु में थे। दाम्पत्य जीवन सही नहीं चलने के कारण 358 पुरुष और 755 महिलाओं, दहेज प्रताड़ना के चलते 479 महिलाओं, विवाहेत्तर संबंध के कारण 63 पुरुष और 66 महिलाओं और तलाक के चलते 24 पुरुष और नौ महिलाओं ने खुदकुशी कर ली। प्रेम प्रसंग में पड़ने पर 365 पुरुष और 251 महिलाओं ने जान दे दी।



