भोपाल : 9 दिसंबर , 2023 (प्योरपॉलीटिक्स)
-एक लाइन में प्रस्ताव पारित कर नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा भी की जा सकती है
मध्य प्रदेश में ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री ‘ यानी सीएम की कुरसी पर कौन बैठेगा, इसका निर्णय करने में भाजपा हायकमान का पसीना छूट गया है। यह सवाल चुनाव परिणाम आने के आठ दिन बाद भी पहेली ही बना हुआ है। भाजपा को विधानसभा की 230 में से 163 सीट पर विजय तो मिल गई लेकिन मुख्यमंत्री का चयन में लग रहे समय से इतना तो तय है कि यह इतना आसान नहीं दिख रहा।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किए बिना लड़ा था। पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के दावेदार शिवराज सिंह चौहान, प्रहलाद सिंह पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय और फग्गन सिंह कुलस्ते सहित तीन अन्य सांसदों को चुनाव मैदान में उतारा था। संदेश स्पष्ट था कि चुनाव जीतने के बाद विधायक दल का नेता चुना जाएगा। अब पार्टी ने विधायक दल की बैठक सोमवार शाम चार बजे तय कर दी है। पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर, के लक्ष्मण और आशा लाकड़ा को बनाया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि ये लोग पहले विधायकों से रायशुमारी करेंगे और हाईकमान को अवगत कराएंगे। इसके बाद हाईकमान से मिले निर्देश पर नेता की घोषणा करेंगे। खट्टर को छोड़ बाकी पर्यवेक्षक रविवार को भोपाल आ सकते हैं। दूसरा, एक लाइन में प्रस्ताव पारित कर नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।
पर्यवेक्षकों की बैठक को लेकर अब तक स्पष्टता नहीं आई है लेकिन यह माना जा रहा है कि वे विधायकों के साथ अलग-अलग समूह बनाकर बातचीत कर सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो वे हायकमान की बात से उन्हें अवगत भी कराएंगे और उनकी बात भी सुनेंगे। हालांकि हायकमान मप्र में किसी तरह की मुश्किल की आशंक व्यक्त नहीं कर रहा है। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी सीएम की दावेदारी छोड़ने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। यही वजह है कि वे स्वयं ही लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लोकसभा चुनाव को लेकर गंभीर है और वह मप्र में कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है, ऐसी स्थिति में चौहान का नेतृत्व पार्टी के लिए मूफीद हो सकता है। शिवराज, सीएम के पद पर बरकरार रहे तो दो डिप्टी सीएम प्रहलाद पटेल और तुलसीराम सिलावट को बनाया जा सकता है। तोमर के लिए कोई नई भूमिका तय की जा सकती है।



