भोपाल : 18 दिसंबर , 2023 (प्योरपॉलीटिक्स)
राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल भी डा मोहन यादव कैबिनेट में मंत्री बनाए जा सकते हैं। सबकुछ ठीक रहा तो 22 दिसंबर को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। दिल्ली में रविवार को हुई बैठक में जो तय किया गया, उसके मुताबिक मध्य प्रदेश में अब भाजपा की राजनीति का केंद्र ओबीसी वर्ग होगा। पार्टी नेताओं की दिल्ली में हुई हाईकमान के साथ बैठक मेंं प्रदेश के नेताओं को भी इस बात से अवगत करा दिया गया है। कैबिनेट विस्तार में भी इसकी झलक दिखाई देगी। उन मंत्रियों को भी कैबिनेट में शामिल नहीं किए जाने पर विचार किया जा रहा है, जो लंबे समय से मंत्री रहे हैं। ऐसे दावेदारों के लिए तीन कार्यकाल की अवधि तय की गई है। भाजपा हाईकमान ने मंत्रियों के चयन के लिए जो पैरामीटर्स बनाए हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण भ्रष्टाचार का मुद्दा है। मंत्री पद के जिस किसी दावेदार पर भ्रष्टाचार का आरोप होगा या उसकी छवि समाज में इस तरह की होगी, उसे मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया जाएगा।
बैठक में शामिल हुए प्रदेश के सभी बड़े नेताओं से उनके द्वारा तैयार कैबिनेट में शामिल करने वाले नामों की सूची भी हाईकमान के पास है।लेकिन इस पर किसी तरह का अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। बताया जा रहा है कि अब केंद्र के बड़े नेता अमित शाह, जेपी नड्डा और बीएल संतोष द्वारा अंतिम सूची तैयार की जाएगी। बैठक में हाईकमान ने मंत्रियों के चयन के लिए अलग-अलग तरह के पैरामीटर बनाए हैंं, उसी आधार पर मंत्रियों का चयन होगा। प्रदेश से मुख्यमंत्री डा मोहन यादव, प्रदेश संगठन और संघ द्वारा प्रस्तावित नामों की सूची भेजी गई थी।
जिन दावेदारों के नामों पर सहमति बनेगी, उनका जाति, वर्ग और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर चयन किया जाएगा। इसमें लोकसभा क्षेत्र का भी ध्यान रखा जाएगा। लोकसभा चुनाव का अनुमान और विधानसभा चुनाव के परिणाम को भी देखा जाएगा।
संघ और संगठन की सहमति- जिन दावेदारों के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी, उनसे संघ और भाजपा संगठन की सहमति अवश्य ली जाएगी।जिन नामों पर संघ और संगठन खुश नहीं हैं, उन्हें अवसर नहीं मिलेगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व ने इस बारे में पहले से तैयारी की हुई है। अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष इन आधार पर सूची को अंतिम रूप देंगे और फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हरी झंडी के बाद ही उस पर अंतिम मुहर लगेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार मंगलवार तक यह प्रक्रिया पूरी होने की संभावना कम है, बुधवार को राज्यपाल का अभिभाषण होना है, ऐसे में 22 दिसंबर को शपथ दिलाई जा सकती है। इसमें 20-22 मंत्रियों तक संख्या हो सकती है।



