भोपाल : 20 जून, 2024 (प्योरपॉलीटिक्स)
कलेक्टर के प्रतिवेदन पर आबकारी आयुक्त ने की कार्रवाई
– राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो की औचक जांच में यहां मिले थे 39 बालक और 20 बालिकाएं
रायसेन जिले के सेहतगंज में स्थित सोम डिस्टलरीज में बाल श्रमिकों के काम करने की पुष्टि के बाद आबकी आयुक्त ने प्लांट का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसमें आसवानी (डी-एक), विदेशी मदिरा बाटलिंग, देशी मदिरा बाटलिंग, देशी मदिरा थोक प्रदाय लाइसेंस 20 दिवस या श्रम विभाग से प्रतिवेदन आने तक के लिए निलंबित किया गया है। विभाग की रिपोर्ट आने पर कंपनी के विरुद्ध और कड़ी कार्रवाई हो सकती है। रायसेन कलेक्टर से प्राप्त प्रतिवेदन में बाल श्रमिक मिलने से सहित अन्य लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर आबकारी आयुक्त ने बुधवार को यह कार्रवाई की है। बता दें कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने पिछले सप्ताह औचक निरीक्षण किया था। यहां 20 बालिकाएं और 39 बालक काम करते हुए मिले थेे। इस आधार पर मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रालि., जिला रायसेन और उनके संचालकों के विरुद्ध 15 जून को स्थानीय थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। प्रियंका कानूनगों के निरीक्षण में यह भी देखने में आया था कि बच्चों के हाथों की चमड़ी गलने से उनके हाथों में संक्रमण फैल गया है।
इस मामले में मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रालि. को 16 जून को कारण बताओ सूचना पत्र भेजा गया था। इसके उत्तर में कंपनी ने सफाई दी कि जो बालक-बालिकाएं फैक्ट्री एक्ट या औद्याेगिक स्वास्थ एवं सुरक्षा नियमों के अंतर्गत पात्र नहीं है, काम नहीं करते हैं। कोई भी मजदूर या कर्मचारी 21 वर्ष से कम आयु के नहीं हैं। श्रम विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा कंपनी को कोई भी दस्तावेज नही दिए गए हैं इसलिए उत्तर देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया जाए। आबकारी आयुक्त ने इस उत्तर को पर्याप्त नहीं मानते हुए कलेक्टर रायसेन की रिपोर्ट और थाना उमरावगंज में दर्ज एफआइआर के आधार लाइसेंस निलंबित कर दिया है। लाइसेंस शर्त में यह भी है कि प्लांट में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को पुलिस सत्यापन कराया जाए पर कंपनी ऐसा नहीं किया, नहीं तो श्रमिकों की उम्र पता चल जाती।



