मिशन-2029: नारी वंदन बनेगा सामाजिक क्रांति का आधार, मध्य प्रदेश भाजपा ने तैयार किया ‘मेगा प्लान’

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भोपाल | 17 अप्रैल, 2026

मध्य प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनावों और ‘मिशन-2029’ की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। मंगलवार रात मुख्यमंत्री आवास पर हुई भाजपा कोर ग्रुप की पहली महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण) को केवल एक कानूनी उपलब्धि नहीं, बल्कि एक ‘सामाजिक क्रांति’ के रूप में जनता के बीच ले जाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से इस अभियान की रूपरेखा साझा की। पार्टी का मानना है कि महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगा।

सरकार और संगठन का साझा ‘शक्ति प्रदर्शन’

बैठक में यह तय हुआ कि सरकार अपनी जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से और संगठन अपने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के जरिए हर घर तक यह संदेश पहुंचाएगा कि भाजपा ही महिलाओं की असली हितैषी है। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता (UCC) के माध्यम से लैंगिक भेदभाव दूर करने के संदेश को भी गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।

कोर ग्रुप की पहली बैठक: दिग्गज रहे मौजूद

सत्ता और संगठन में समन्वय के लिए बनाए गए 17 सदस्यीय नए कोर ग्रुप की यह पहली बैठक थी। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अलावा राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, जगदीश देवड़ा और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

अभियान के प्रमुख कार्यक्रम: कब क्या होगा?

भाजपा ने महिलाओं को राजनीतिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की है:

  • जन-जागरण पखवाड़ा (25 अप्रैल, 2026 तक): पूरे प्रदेश में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के लाभ और उनके राजनीतिक अधिकारों के बारे में शिक्षित किया जाएगा।

  • नारी शक्ति पदयात्रा (15-16 अप्रैल): प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में भव्य पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इसके साथ ही महिला कार्यकर्ताओं द्वारा ‘बाइक रैलियों’ के जरिए शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा।

  • टाउन हॉल और सम्मेलन: जिला स्तर पर बड़े सम्मेलनों का आयोजन होगा, जहाँ ‘लाड़ली बहना’ जैसी योजनाओं और नए आरक्षण कानून के तालमेल को समझाया जाएगा।

  • मिस्ड कॉल अभियान: इस कानून के प्रति जनमत जुटाने और समर्थन दर्ज करने के लिए एक विशेष मिस्ड कॉल नंबर भी जारी किया गया है।

जमीनी स्तर पर सीधा संवाद

पार्टी के संगठनात्मक तालमेल के तहत सभी मंत्रियों, सांसदों और पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जमीनी स्तर पर जाकर महिलाओं से सीधा संवाद करें। पार्टी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण कानून का लाभ और इसका श्रेय अंतिम छोर पर बैठी महिला तक पहुंचे।

“नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगा। इसे हम एक कानूनी दस्तावेज के बजाय एक सामाजिक बदलाव के आंदोलन के रूप में घर-घर तक ले जाएंगे।” — हेमंत खंडेलवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

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Saket Singh
Saket Singhhttp://purepolitics.in
MBA in Media Management from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication, Bhopal

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