सुवेंदु अधिकारी और शिवराज सिंह चौहान की बैठक में बड़ा फैसला, पश्चिम बंगाल को मिली ₹1700 करोड़ की सौगात
नई दिल्ली; 8 जून, 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न ‘विकसित भारत’ के तहत पश्चिम बंगाल के चहुंमुखी विकास के लिए केंद्र सरकार ने अपने खजाने खोल दिए हैं। नई दिल्ली के कृषि भवन में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी की बैठक में राज्य के लिए ₹1700 करोड़ से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी गई है। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से ग्रामीण सड़कों, पुलों के निर्माण और मनरेगा के तहत रोजगार सृजन पर सहमति बनी।
मुख्य बिंदु
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ऐतिहासिक वित्तीय पैकेज: कृषि और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹1700 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी।
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सड़कों का जाल: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत ₹1,013 करोड़ की लागत से 432 नई सड़कें और दर्जनों पुल बनेंगे।
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मनरेगा बजट स्वीकृत: जून 2026 के लिए पश्चिम बंगाल को 153 लाख मानव-दिवस का श्रम बजट आवंटित किया गया है।
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नया ग्रामीण अधिनियम: 1 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहे “विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” [VB-G RAM G] के क्रियान्वयन पर चर्चा।
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किसान कल्याण: पीएम किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने पर सहमति।
ग्रामीण संपर्क में क्रांति: 500 से अधिक बस्तियां पहली बार जुड़ेंगी मुख्यधारा से
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी की बैठक में पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को बदलने पर सबसे बड़ा फोकस रहा। पीएम ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के पहले चरण के तहत केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 432 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
759 किलोमीटर से अधिक लंबी इन सड़कों के निर्माण पर ₹663.09 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इस फैसले का सबसे बड़ा असर यह होगा कि राज्य की 535 असंबद्ध बस्तियां पहली बार पक्की सड़कों के जरिए सीधे शहरों और बाजारों से जुड़ सकेंगी। इसके अतिरिक्त, विभिन्न चरणों में पुलों के निर्माण के लिए भी ₹350 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे कुल सड़क और पुल परियोजनाओं की लागत ₹1,013.16 करोड़ पहुंच गई है।
आजीविका सुरक्षा: जून में मिलेगा बंपर रोजगार, नए कानून की तैयारी
बैठक के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध और उसकी प्रशासनिक तैयारियों को देखते हुए मनरेगा के तहत बड़ी राहत दी है। जून 2026 के महीने के लिए राज्य को 153 लाख मानव-दिवस का श्रम बजट स्वीकृत किया गया है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को बिना किसी रुकावट के मजदूरी आधारित रोजगार मिलता रहेगा।
इसके साथ ही, आगामी 1 जुलाई 2026 से देश भर में लागू होने जा रहे ऐतिहासिक कानून “विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025 को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच विस्तृत समीक्षा हुई। केंद्रीय मंत्री ने इस नए ढांचे को सुचारू रूप से लागू करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा की गई तैयारियों की सराहना की।
कृषि रोडमैप और डिजिटल फार्मर आईडी पर बनी सहमति
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में कृषि, बागवानी, जूट और आलू जैसी फसलों के विकास की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र सरकार बहुत जल्द राज्य के साथ मिलकर एक समर्पित ‘कृषि रोडमैप’ तैयार करेगी। इसके तहत राज्य में ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ और ‘फार्मर आईडी’ कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, ताकि किसानों को सीधे और पारदर्शी तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया और केंद्रीय मंत्री को बंगाल आने का निमंत्रण दिया।
निष्कर्ष
सुवेंदु अधिकारी और शिवराज सिंह चौहान की बैठक पश्चिम बंगाल के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। बुनियादी ढांचे के लिए स्वीकृत ₹1,013 करोड़ और मनरेगा के जरिए मिलने वाला रोजगार राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। केंद्र और राज्य का यह सकारात्मक समन्वय निश्चित रूप से बंगाल के किसानों और गरीब परिवारों के जीवन में समृद्धि लेकर आएगा।



