‘मन की शांति ही तन का योग सादृश्य’: बेंगलुरु में ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के वैश्विक मंच से गरजे सीएम डॉ. मोहन यादव
भोपाल/बेंगलुरु ; 24 मई, 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को कर्नाटक के बेंगलुरु (उदयपुरा) स्थित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ इंटरनेशनल सेंटर पहुंचे। वे यहाँ आध्यात्मिक गुरु पूज्य श्री श्री रविशंकर जी के 70 वें जन्मोत्सव और संस्था के 45 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य वैश्विक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से श्री श्री रविशंकर जी को दीर्घायु होने की शुभकामनाएं दीं।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेंगलुरु स्थित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के वैश्विक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
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आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी के 70वें जन्मोत्सव और संस्था के 45 गौरवशाली वर्ष पूरे होने पर दी बधाई।
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सीएम ने कहा- “भारत ने दुनिया को हथियारों से नहीं, बल्कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के विचार से जीता है।”
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‘आर्ट ऑफ लिविंग’ को श्रीमद्भगवद्गीता के निष्काम कर्मयोग का आधुनिक वैश्विक स्वरूप बताया।
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मध्य प्रदेश की जेलों में कैदियों के सुधार के लिए चल रहे ‘प्रिजन स्मार्ट’ प्रोग्राम की सराहना की।
भारत कभी ‘विश्वशक्ति’ नहीं, हमेशा ‘विश्वगुरु’ बनने की राह पर चला
वैश्विक मंच को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:
“दुनिया के अन्य देशों ने हमेशा हथियारों के बल पर दूसरों को जीतकर ‘विश्वशक्ति’ बनने का प्रयास किया है, लेकिन भारत की धरती और यहाँ के संतों ने कभी इस मार्ग को नहीं चुना। हमने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के मंत्र के साथ पूरी दुनिया को अपना परिवार माना है। भारत विश्वशक्ति नहीं, बल्कि पूरी मानवता को सही राह दिखाने वाला ‘विश्वगुरु’ बनने के मार्ग पर अग्रसर है।”
सीएम ने बेंगलुरु स्थित अंतरराष्ट्रीय केंद्र के अलौकिक वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ कदम रखते ही किसी देवलोक जैसी पवित्र अनुभूति होती है।
‘मन की शांति ही तन का योग सादृश्य’… यही है आर्ट ऑफ लिविंग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीवन में अध्यात्म और मानसिक शांति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ और तनाव के बीच मन को शांत रखना ही सबसे बड़ा योग है। जब मनुष्य का मन शांत होता है, तो उसका शरीर अपने आप स्वस्थ और संतुलित हो जाता है; यही असल मायने में जीवन जीने की कला यानी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ है। उन्होंने गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे दुनिया भर में करोड़ों लोगों को डिप्रेशन और तनाव से मुक्त कर उनके जीवन में सकारात्मकता का संचार कर रहे हैं, जो कि गीता के निष्काम कर्मयोग का ही एक रूप है।
एमपी की जेलों में कैदियों का जीवन बदल रहा है ‘प्रिजन स्मार्ट’ प्रोग्राम
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के सामाजिक और सुधारात्मक कार्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश की विभिन्न जेलों में संस्था द्वारा ‘प्रिजन स्मार्ट’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से हजारों कैदियों को तनाव और अवसाद से मुक्ति मिल रही है। योग और ध्यान के जरिए उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आ रहा है, जिससे वे सजा पूरी करने के बाद समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए तैयार हो रहे हैं।



