राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन 2026: शिवराज सिंह चौहान का किसानों के लिए बड़ा ऐलान

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राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन 2026: शिवराज सिंह चौहान का किसानों के लिए मास्टर प्लान, ‘खेत बचाओ अभियान’ का होगा आगाज़

नई दिल्ली में आयोजित ‘राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-खरीफ अभियान 2026’ के दूसरे दिन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने देश की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने का आह्वान किया है। सम्मेलन में राज्यों के कृषि मंत्रियों और विशेषज्ञों के साथ मंथन करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब खेती ‘बीज से बाजार’ तक एक समन्वित और परिणामकारी व्यवस्था होनी चाहिए। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए ठोस अमल की रणनीति तैयार कर ली है।

मुख्य बिंदु

  • ‘खेत बचाओ अभियान’: 1 जून से एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू किया जाएगा।

  • सख्त कार्रवाई: नकली बीज, घटिया कीटनाशक और किसी भी प्रकार की लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • रोडमैप पर जोर: हर राज्य को अपना विशिष्ट कृषि रोडमैप तैयार करना होगा ताकि स्थानीय स्तर पर खेती को गति मिल सके।

  • टीम इंडिया का संकल्प: केंद्र और राज्यों के कृषि मंत्रियों ने मिलकर कृषि विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने का संकल्प लिया।

  • किसान-केंद्रित नीति: कृषि क्षेत्र में नीति, नवाचार (Innovation) और निष्ठा के साथ समयबद्ध कार्य करने पर जोर दिया गया है।

खेती को दिशा, किसान को सुरक्षा

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान हित में अब त्वरित फैसलों का समय है। उन्होंने राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के लिए नियमों को सरल बनाया जाए ताकि लाभ सीधे उन तक पहुंचे। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर किसान की आर्थिक स्थिति सुधरे। इसके लिए बीज से लेकर बाजार तक की पूरी चेन को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है।”

सरकार का ध्यान इस बात पर है कि कृषि में नवाचारों को अपनाया जाए। वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों के अनुभवों का उपयोग करते हुए कृषि उपज को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की तैयारी है। सम्मेलन में मौजूद राज्य के कृषि मंत्रियों और अधिकारियों ने भी अपने-अपने राज्यों की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की, जिससे भविष्य की कार्ययोजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन 2026 एक सशक्त शुरुआत है, जो भारतीय कृषि को आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 1 जून से शुरू होने वाले ‘खेत बचाओ अभियान’ से स्पष्ट है कि सरकार कृषि के हर छोटे-बड़े मुद्दे पर संजीदा है। यदि इन फैसलों का धरातल पर सही क्रियान्वयन होता है, तो निस्संदेह भारतीय किसान और कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिलेगी।

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Saket Singh
Saket Singhhttp://purepolitics.in
MBA in Media Management from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication, Bhopal

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