एपीडा ने फ्लेवर वाले मूल्यवर्धित मखाने की पहली समुद्री खेप बिहार से कनाडा तक भेजने में मदद की

Date:

वैल्यू-एडेड मखाना निर्यात से किसानों की आय में 50% से अधिक की बढ़ोतरी हुई और बिहार की वैश्विक उपस्थिति मजबूत हुई

30 JUL 2026

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने 29 जुलाई 2026 को बिहार के दरभंगा से कनाडा के लिए वैल्यू-एडेड फ्लेवर वाले मखाने (फॉक्स नट्स) की पहली समुद्री शिपमेंट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ऐतिहासिक निर्यात वैश्विक बाजारों में बिहार के प्रीमियम कृषि उत्पादों को प्रोत्साहन देने और राज्य के वैल्यू-एडेड कृषि निर्यात को विस्तृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

दो कंटेनरों में पैक किया गया 7 मीट्रिक टन का यह माल मुंद्रा बंदरगाह के जरिए कनाडा स्थित जेडकेवी फूड्स को भेजा गया। फ्लेवर वाले मखाने की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग न्यूट्रीविन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड की ओर से अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप की गई थी, जो खाद्य प्रसंस्करण, वैल्यू-एडिशन और निर्यात संबधी मैन्युफैक्चरिंग में बिहार की बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करता है।

ध्वजारोहण समारोह में एपीडा अध्यक्ष श्री अभिषेक देव उपस्थित थे, जिन्होंने निर्यातकों, प्रसंस्करणकर्ताओं, किसानों, उद्योग जगत के हितधारकों और एपीडा अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने इस शिपमेंट को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इस तरह की सहयोगी पहल बिहार के कृषि-निर्यात तंत्र को सुदृढ़ कर रही हैं, वैल्यू-एडेड कृषि उत्पादों को प्रोत्साहन दे रही है और राज्य की अनूठी उपज के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच का विस्तार कर रही हैं।

इस कार्यक्रम में दरभंगा स्थित मखाना अनुसंधान केंद्र में आईसीएआर के पूर्वी क्षेत्र अनुसंधान परिसर के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार; जिला कृषि मार्केटिंग अधिकारी श्री लोकनाथ ठाकुर; एपीडा के वरिष्ठ अधिकारी; और मखाना मूल्य श्रृंखला से जुड़े निर्यातक और हितधारक उपस्थित थे।

मखाना, जिसे लोकप्रिय रूप से फॉक्स नट्स के नाम से जाना जाता है, बिहार के प्रमुख कृषि उत्पादों में से एक है, और भारत के कुल उत्पादन में बिहार का सबसे बड़ा योगदान है। अपने पौष्टिक गुणों और उच्च गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध बिहार के मखाने की मांग अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में लगातार बढ़ रही है, क्योंकि उपभोक्ता स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक खाद्य उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। फ्लेवर वाले मखाने के निर्यात से निर्यात के मौकों में और विविधता आने की उम्मीद है, साथ ही इस अनूठे उत्पाद की वैश्विक पहचान भी बढ़ेगी।

वैल्यू-एडेड फ्लेवर वाले मखाने के निर्यात से इससे जुड़े मखाना किसानों को वैल्यू-एडिशन और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच के माध्यम से 50 प्रतिशत से अधिक लाभ प्राप्त करने में मदद मिली। यह भारत के कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और किसानों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने में प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात-उन्मुख मूल्यवर्धन की क्षमता को भी दर्शाता है।

एपीडा क्षमता निर्माण, निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, गुणवत्ता अनुपालन, बाजार संपर्क और वैल्यू-एडिशन के जरिए बिहार को एक अग्रणी कृषि-निर्यात केंद्र के तौर पर तैयार करने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह राज्य सरकारों, निर्यातकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), प्रसंस्करणकर्ताओं और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर गुणवत्ता आश्वासन, निर्यात सुविधा और बाजार विकास के माध्यम से भारत के कृषि-निर्यात इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। कनाडा को फ्लेवर वाले मखाने की सफल समुद्री खेप इन प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो किसानों, प्रसंस्करणकर्ताओं और निर्यातकों के लिए स्थायी आय के मौके पैदा करती है और साथ ही बिहार के प्रीमियम कृषि उत्पादों की वैश्विक उपस्थिति को और बढ़ाती है।

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Saket Singh
Saket Singhhttp://purepolitics.in
MBA in Media Management from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication, Bhopal

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