पीएम मोदी का नीदरलैंड दौरा: भारत-नीदरलैंड के बीच ‘रणनीतिक साझेदारी’ पर मुहर, 14 MOU साइन

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पीएम मोदी का नीदरलैंड दौरा: भारत-नीदरलैंड के बीच ‘रणनीतिक साझेदारी’ का ऐलान, 14 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हेग स्थित डच प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास (कैटश्यूस) में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री महामहिम रॉब जेटन के साथ उच्च स्तरीय आधिकारिक वार्ता की। इस ऐतिहासिक वार्ता में भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए दोनों देशों ने 14 अहम समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। आपसी विश्वास और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को अब “रणनीतिक साझेदारी” (Strategic Partnership) के स्तर तक ले जाने का आधिकारिक निर्णय लिया गया है। इस बैठक में दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप अपनाया है।

मुख्य बिंदु

  • 14 बड़े समझौतों पर मुहर: आधिकारिक वार्ता के बाद प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, व्यापार, प्रवासन (मोबिलिटी), ‘वाह’ [WAH- जल, कृषि और स्वास्थ्य], शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में 14 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

  • भारत-यूरोपीय संघ FTA: व्यापार संबंधों के विस्तार पर जोर देते हुए दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) पर जल्द हस्ताक्षर करने और इसे लागू करने का आह्वान किया।

  • चोल कालीन ताम्रपत्रों की वापसी: डच सरकार ने भारत की ऐतिहासिक धरोहर, 11वीं शताब्दी के चोल कालीन ताम्रपत्रों को लौटाने में सहायता की है, जिसके लिए पीएम मोदी ने विशेष रूप से डच सरकार का आभार जताया।

‘जल पर रणनीतिक साझेदारी’ और तकनीकी सहयोग (Strategic Partnership on Water and Tech Cooperation)

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और डच पीएम रॉब जेटन ने ‘वाह’ (WAH – जल, कृषि और स्वास्थ्य) क्षेत्र में सहयोग के महत्व पर विशेष जोर दिया। बड़े पैमाने की जल परियोजनाओं पर काम करते हुए ‘जल पर रणनीतिक साझेदारी’ को और अधिक सुदृढ़ करने पर पूर्ण सहमति बनी है। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर सहित महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों में अपना सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है। दोनों देशों के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त हैकाथॉन आयोजित करने को भी प्रोत्साहित किया गया है।

व्यापार, निवेश और हरित ऊर्जा में नए कदम
(Opportunities in Trade and Green Energy)

बढ़ते व्यापार और नवाचार साझेदारी पर ध्यान देते हुए, नेताओं ने रेखांकित किया कि भारत की विकास गाथा डच कंपनियों के लिए बेहतर व्यावसायिक संभावनाएं प्रदान करती है। एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, हरित शिपिंग और समुद्री लॉजिस्टिक्स में सहयोग को प्राथमिकता दी गई है। यह भी पुष्टि की गई है कि महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के क्षेत्र में भारत-नीदरलैंड सहयोग सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) को समर्थन प्रदान करेगा।

सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को मजबूत करते हुए, भारत के नालंदा विश्वविद्यालय और नीदरलैंड के ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। ऐतिहासिक कलाकृतियों के ज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए लीडेन विश्वविद्यालय पुस्तकालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के बीच सहयोग का भी स्वागत किया गया है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की यह नीदरलैंड यात्रा भारत और डच संबंधों की साझेदारी में एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है। दोनों देशों ने न केवल व्यापार और तकनीकी साझेदारी को बढ़ाया है, बल्कि ‘मोबिलिटी पार्टनरशिप’ जैसी पहलों से सीधे आम नागरिकों को जोड़ने का काम किया है। आधिकारिक वार्ता के अंत में पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री जेटन को भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया है।

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