-एक केंद्रीय मंत्री और शिवराज के 12 मंत्रियों सहित कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष हारे
– महिलाओं का एकतरफा मतदान बताता है कि लाड़ली बहना योजना भाजपा के लिए गेमचेंजर बनी
राज्य ब्यूरो, भोपाल।
मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनाव के लिए जारी मतगणना के रुझानों में भाजपा को स्पष्ट जनादेश मिल गया है। लगभग 20 वर्ष बाद भाजपा को मप्र में प्रचंड बहुमत मिला है। वर्ष 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को 173 सीट मिली थी और अब 230 सदस्यीय विधानसभा की 79 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है तो 84 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया है। नई सदी के पांचवें विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश ने ‘एमपी के मन में मोदी’ पर मुहर लगाई है।
भाजपा ने मध्य प्रदेश में मोदी का चेहरा सामने रखकर ही चुनाव लड़ा था। बिना मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किए भाजपा ने मध्य प्रदेश में पूरी ताकत झोंक दी थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 रैली और इंदौर में रोड शो कर दस दिन में मप्र को मथ दिया था। चौंकाने वाली बात है कि पहली बार भाजपा को शहरों की तुलना में ग्रामीण सीटों पर भी विजय मिली है। भाजपा के इस विजय अभियान में महिला, युवा, किसान और आदिवासी वर्ग ने अहम भूमिका निभाई है। इनमें से ज्यादातर वर्ग केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभार्थी है। भाजपा को मिली प्रचंड विजय के पीछे महिलाओं का एकतरफा मतदान अहम कड़ी है, जो साबित करता है कि लाड़ली बहना योजना भाजपा के लिए गेमचेंजर बनी। लाड़ली बहना योजना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लागू की है। महिलाओं ने इस बार 76.03 प्रतिशत मतदान किया, जो पिछले चुनाव से दो प्रतिशत अधिक है। अभी तक कांग्रेस के 28 उम्मीदवार जीते और 46 पर बढ़त बनाई है। सैलाना सीट से भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश्वर डोडियार ने जीत दर्ज कर चौकाया है। पूरे परिणांम देर रात तक आएंगे।



