भोपाल : 24 जनवरी, 2024 (प्योरपॉलीटिक्स)
भारत सरकार ने आज स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर के लिए भारत रत्न देने की घोषणा की है ।भारत सरकार की घोषणा का हम स्वागत करते हैं और हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री अमित शाह और महामहिम राष्टपति जी को आभार व्यक्त करते हैं। पिछले एक वर्ष से लगातार हम लोग देश के कोने कोने में जाकर सभाए सम्मेलन कर उनके जीवन के बारे में देश अवगत कराते रहे हैं और स्वर्गीय ठाकुर को भारत रत्न देने की मांग करते रहे हैं।
हमें खुशी है कि भारत सरकार ने जनता की भावनाओं को समझा है देश की भावना को समझा। कुछ लोगों का यह आरोप है की सरकार ने यह कदम आगामी चुनाव के लिए अति पिछड़े वर्गों के वोटो को आकर्षित करने के लिए उठाया है ।यह संभव है क्योंकि राजनैतिक लोग अपने चुनाव के लाभ के लिए कदम उठाते हैं ।फिर भी यह एक अच्छा कदम है अच्छा निर्णय है और देश के करोड़ों गरीबों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा ।
कर्पूरी ठाकुर समाजवादी थे और डॉक्टर लोहिया केप्रति उनके मन में सर्वाधिक प्रेम था एक अर्थ में लोहिया ही उनके आदर्श थे और लोहिया की सप्तक्रांति के सिद्धांतों को उन्होंने अपने जीवन में भी उतारा तथा सत्ता में रहते हुए भी उन्हें अमल में लाए।लोहिया का नारा था चले देश में देशी भाषा कर्पूरी जी ने अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त की। लोहिया का नारा था पिछड़े पावें सौ में साठ कर्पूरी जी ने जी ने पिछड़ों को आरक्षण दिया ।यह लोहिया के समाजवाद के जो सिद्धांत थे उन्हे पूरा करने का प्रयास किया ।आज इस घोषणा से देश प्रसन्न है ।और लोग कह कर रहे हैं कि एक उपयुक्त पात्र के लिए भारत रत्न दिया गया है। कर्पूरी ठाकुर जन्म शताब्दी समारोह समिति के सभी पदाधिकारी राजनाथ शर्मा मुकेश चंद्रा संजय सिंह जी राजेंद्र राजन अरुण प्रताप सिंह सूर्यनारायणजी शंभूदयाल बघेल श्यामसुंदर यादव जयंत तोमर ऐस ऐस नेहरा मदन जैन अनूप सिंह शशि कुमार सौमैया जी विंदेश्वरी पटेल विश्वजीत दीपांकर श्याममनोहर सिंह अशोक पंडा सुघर सिंह इंद्रजीत शर्मा और सभी लोग जो इस अभियान के सहयोगी रहे हैं वह इस प्रयास के लिए बधाई के पात्र हैं ।
मप्र सरकार से तो पिछले चार वर्ष से हम लोग प्रतिमा स्थापित करने के लिए सागर में स्थान की मान करते रहे थे पर प्रदेश सरकार ने जगह देकर भाजपा के चंदचार छे स्थानीय लोगों के विरोध का बहाना बनाकर दी गई अनुमति वापिस ले ली थी। मुझे उम्मीद है कि वर्तमान मु मंत्री मोहन यादव जी पिछली सरकार की भूल का परिमार्जन करेंगे व समिति को प्रतिमा स्थापित करने हेतु स्थान देने का आदेश देंगे तथा राष्ट्रपति जी प्रधान मंत्री जी और गृह मंत्री जी की भावनाओं और देश के जन मन की अपेक्षाओं का सम्मान करेंगे।



