गोपाल 17 दिसंबर 2022/ अभी नए साल आने में देर है लेकिन न्यू ईयर के उपलक्ष में गीत-संगीत के कार्यक्रम के मंच सजने लगे हैं।इस कड़ी में आज भोपाल में दुष्यंत संग्रहालय के मंच पर कृष्णा मुक्ता कल्चरल और वेलफेयर सोसायटी ने आती रहेंगी बहारें… संगीत संध्या का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में भोपाल के अनेक शौकिया गायक गायिकाओं ने सहभागिता की। मुख्य अतिथि श्री पुरुषोत्तम बुधवानी और श्रीमती भारती बुधवानी ने कलाकारों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। वरिष्ठ उद्घोषिका और लेखिका श्रीमती जया आर्य ने भी गीत सुनाए ।

कार्यक्रम का संयोजन श्रीमती मुक्ता चंदानी ने किया। सुश्री ग्लेशी को आस्ट्रेलिया में डॉक्टर हैं,अभी भोपाल आई हुई हैं उन्होंने अपनी मां शाहनाज के साथ गीत गाया-
रात के हमसफर… मो रफी साहब और
आशा भोसले जी के गाए इस गीत की पेशकश पसंद की गई। अन्य गायकों में आर के खेरिया,राजेंद्र मालवीय, अशोक पाठक,शालिनी, सुरेखा और पद्माकर पारे ने सुमधुर गीत सुनाए। सिद्धार्थ ने मुकेश जी का गाया पापुलर सॉन्ग वक्त करता जो वफा.. सुनाया।
प्रेम रतन धन पायो…और मनवा लागे… गीत पर मुक्ता का नृत्य पसंद किया गया। कार्यक्रम में
बच्चों को पाठ्य सामग्री भी वितरित की गई। देर शाम तक
मुकेश जी.. रफी साहब किशोर कुमार लता जी आशा भोसले जी के गीतों के स्वर गूंजे।



