भोपाल : 14 दिसंबर , 2023 (प्योरपॉलीटिक्स)
मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने इंटरनेट मीडिया (एक्स) पर अपना प्रोेफाइल भी बदल लिया है। एक दिन पहले तक उनके प्रोफाइल में मुख्यमंत्री लिखा था, पर बुधवार को उन्होंने बदलकर पूर्व मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश कर दिया। इसके ऊपर लिखा, ‘भाई और मामा’। मुख्यमंत्री बनने पर लाड़ली लक्ष्मी योजना शुरू करने के साथ ही शिवराज ने खुद को बेटियों का मामा कहना शुरू कर दिया था। इसके बाद बच्चे भी उन्हें मामा बोलने लगे। साथ ही भैया के रूप में भी महिलाओं के बीच उनकी पहचान थी, पर लाड़ली बहना योजना शुरू होने के बाद से उन्होंने भाई-बहन को रिश्ते को और व्यापक और मजबूत बनाने की कोशिश की। उनके कार्यक्रमों में मामा-मामा के नारे लगते थे।
मुख्यमंत्री पद छोड़ने के 24 घंटे बाद खेती-किसानी में जुटे शिवराज
एक दिन पहले तक प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान पद छोड़ने के 24 घंटे में ही गुरुवार को अपने खेत मेंं बुआई करने विदिशा पहुंच गए। यहां उन्होंने खुद ट्रैक्टर चलाकर चने की बुआई की। अपने सामान्य व्यवहार की तरह यहां भी लोगों से मिलने का अवसर उन्होंने नहीं छोड़ा। शिवराज को एक किसान की दिनचर्या में देख आसपास के लोग खासतौर पर किसान उनसे मिलने खेत में ही पहुंच गए। यहां वह सभी से बड़े अपनेपन से मिले। अभ्यस्त चालक की तरह वह खेत में ट्रैक्टर चलाते रहे। दो और लोग उनके साथ ट्रैक्टर में बैठे थे। जो उन्हें बता रहे थे कि बोनी किस तरफ करनी है।
इसके बाद शिवराज ने धरती मां के गुणगान में चंद पंक्तियां इंटरनेट मीडिया (एक्स) में साझा की। उन्होंने लिखा, ‘ अपने मध्य प्रदेश की माटी सोना उगलती है। धरती मां धन-धान्य से घरों को खुशहाल बना देती है। पसीने की कुछ बूंदों से माटी को नमन किया। आज खेतों की जुताई कर चने की बुआई की। विदिशा से रात में वह भोपाल लौटे।’ बता दें कि शिवराज सिंह चौहान विदिशा संसदीय क्षेत्र से पांच बार लोकसभा के सदस्य रहे हैं। इस नाते यहां से उनका विशेष लगाव है।
चौहान बुधवार तक प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री थे। पिछले 18 वर्ष से मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी दिनचर्या अति व्यस्त रहती थी। कुर्सी छोड़ने के बाद वह कुछ निराले अंदाज में दिखे। हालांकि, कुछ काम रोज की तरह ही किया। प्रतिदिन की भांति वे सुबह पांच बजे उठे और एक घंटे योग और ध्यान किया। गौ माता की सेवा कर स्नान आदि के बाद वे साढ़े नौ बजे से मेल-मुलाकत में जुट गए। बीते तीन दिनों से मुख्यमंत्री आवास सभी के लिए खुला हुआ है। उन्होंने प्रतिदिन की तरह अपना पौधारोपण अभियान जारी रखा।




