– दो चरण के बाद प्रदेश में बढ़ा मतदान, तीसरे चरण में 66.12 प्रतिशत मतदाताओं ने डाला वोट
– राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 75.39 प्रतिशत हुआ मतदान
भोपाल: 8 मई, 2024 (प्योरपॉलीटिक्स)
मध्य प्रदेश में पिछले दो चरण के चुनाव में लगातार कम हो रहे मतदान के क्रम को तीसरे चरण में मतदाताओं ने तोड़ दिया। करीब 43 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी के बावजूद तीसरे चरण में मतदाताओं ने नौ लोकसभा सीटों पर शाम छह बजे तक 66.12 प्रतिशत औसत मतदान किया, जो वर्ष 2019 के चुनाव की तुलना में अधिक है। अभी भी नौ हजार मतदान केंद्रों से अंतिम आंकड़े आने बाकी हैं, जिसके बाद मतदान का प्रतिशत और बढ़ेगा। सर्वाधिक 75.39 प्रतिशत मतदान राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में हुआ। यहां कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का मुकाबला भाजपा के रोडमल नागर से है। 74.05 प्रतिशत मतदान के साथ विदिशा दूसरे स्थान पर रहा। यहां से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव लड़ रहे हैं। गुना लोकसभा क्षेत्र से 71.95 प्रतिशत मतदान रहा। यहां केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव मैदान में हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार कई सीटों पर कांटे का मुकाबला होने के कारण भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं को घर से निकालने में ताकत लगाई, जिससे मतदान अधिक हुआ।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि शाम छह बजे तक प्राप्त जानकारी के अनुसार 66.12 प्रतिशत औसत मतदान रहा है। सभी नौ सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा है। माकपोल और मतदान के दौरान बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट में खराबी आईं, जिन्हें तत्काल बदलकर मतदान कराया गया। भिंड में मतदान केंद्र से 400 मीटर दूर आपसी रंजिश में गोली चलने की घटना हुई पर उसका चुनाव से कोई संबंध नहीं था। वहीं, भिंड जिले के अटेर में दो पक्षों के बीच लाठियां चलीं। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की। वहीं, चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र क्रमांक 24 में 11 मत डालने पर 50 दिखाए जाने की शिकायत की गई। कलेक्टर से जांच करवाई गई तो शिकायत असत्य पाई गई।
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भिंड में सबसे कम रहा मतदान
हर बार की तरह इस बार भी भिंड लोकसभा क्षेत्र में मतदान सबसे कम रहा। यहां 54.87 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। मुरैना और ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में भी मतदान अन्य सीटों की तुलना में कम रहा।
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मतदान बढ़ाने राजनीतिक दलों के साथ आयोग ने झोंकी थी ताकत
प्रदेश में पिछले दो चरण में कम मतदान होने से चिंतित राजनीतिक दलों के साथ चुनाव आयोग ने मतदान बढ़ाने के लिए ताकत झोंकी थी। सभी 20,456 मतदान केंद्रों पर ‘चलें बूथ की ओर’ अभियान चलाया गया तो भाजपा और कांग्रेस ने भी अपने कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र स्तर पर सक्रिय किया। सामाजिक संगठन भी आगे आए और कई आयोजन किए।
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भोपाल, मुरैना समेत चार सीटों पर घटा मतदान- वोटर टर्न आउट एप के अनुसार नौ लोकसभा क्षेत्र में से चार ऐसे रहे, जहां मतदान 2019 की तुलना में घटा है। इनमें सर्वाधिक 5.5 प्रतिशत की कमी बैतूल संसदीय क्षेत्र में आई है। मुरैना में 3.67, भोपाल में 3.41 और सागर में .39 प्रतिशत मतदान कम रहा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि मतदान के आंकड़े अभी अंतिम नहीं हुए हैं। इनमें परिवर्तन हो सकता है।
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लोकसभा क्षेत्र- 2014–2019- 2024 मतदान प्रतिशत
मुरैना-50.18–61.89–58.22
भिंड- 45.58–54.42–54.87
ग्वालियर- 52.80–59.78–61.68
गुना- 60.89–70.32–71.95
सागर–58.67–65.51–65.19
विदिशा-65.71–71.79–74.05
भोपाल- 57.75–65.70– 62.29
राजगढ़-64.03–74.39–75.39
बैतूल- 65.17–78.15–72.65



