भोपाल । 23 नवम्बर, 2022
सावरकर जी स्वातंत्र वीर थे, वीर है और वीर ही कहलायेंगे। उन्हें राहुल गांधी और उनके चाटुकारों के प्रमाण-पत्र की जरूरत नहीं है। राहुल बाबा ‘इतिहास को समझो, पढ़ो और महसूस करो, इनके विचारों का चरणामृत लो। बलिदानियों का मान, सम्मान और उन्हें प्रणाम करो। असंख्य भारतवासियों का दिल तोड़ने से भारत कैसे जुड़ेगा ? यह बात भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने बुधवार को खंडवा में पत्रकार वार्ता में कही।
अर्चना चिटनिस ने कहा कि राहुल गांधी की पार्टी के लोग ही उनके भाषणों का अनुवाद करने से डरते है। हाल ही में गुजरात का उदाहरण हमने देखा। राहुल गांधी पहले भारत को जानिए फिर भाषण दीजिए। राहुल गांधी को देश का अपमान करना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा देश कभी अन्याय करने वाला हिन्दुस्तान नहीं हो सकता। भारत जोड़ो यात्रा के मध्यप्रदेश में प्रवेश के दौरान ग्राम बोदरली में राहुल गांधी का दिया वक्तव्य देश को बदनाम करने वाला और देश विरोधियों को बल देने वाला है। उन्होंने कहा कि राहुल बाबा 2018 में चुनाव प्रचार के दौरान आए थे और 10 दिन के अंदर किसानों की कर्जमाफी का वचन देकर गए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद भी 15 महीनों के अंदर किसानों का कर्ज माफ नहीं करवा पाएं। अब आप किस मुंह से मध्यप्रदेश में फिर आएं है ?
चिटनिस ने कहा कि राहुल गांधी को वीर सावरकर जी के बारे में कुछ बोलने से पहले अपने पूर्वजों का स्मरण करना चाहिए। उन्हें एक बार सावरकर जी के बारे में अपने पूर्वजों इंदिरा गांधी सहित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विचारों को पढ़कर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पूर्वज सावरकर जी की महानता से परिचित रहे। इसीलिए तो इंदिरा गांधी ने भी सारवरकर जी की प्रशंसा की। चिटनिस ने आगे कहा कि वीर सावरकर पहले क्रान्तिकारी थे जो समुद्री जहाज में बंदी बनाकर ब्रिटेन से भारत लाते समय आठ जुलाई 1910 को समुद्र में कूद पड़े थे और 80 मील तैरकर फ्रांस पहुँच गए थे। इस ‘अमर छलांग‘ को मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने स्मरणीय बनाने हेतु प्रतिवर्ष 102 विद्यार्थियों का चयन कर इन बच्चों को उनके यातना स्थल तक ले जाकर स्वतंत्रता हेतु क्रांतिकारियों की यादों को ताजा बनाने का प्रयास किया।
अर्चना चिटनिस ने कहा कि वीर सावरकर ऐसे पहले राष्ट्रवादी विचारक थे जिनके चित्र को संसद भवन में लगाने से रोकने के लिए कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा लेकिन राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम ने सुझाव पत्र नकार दिया और वीर सावरकर के चित्र का अनावरण राष्ट्रपति ने अपने कर-कमलों से किया। चिटनिस ने कहा कि वीर सावरकर जी ने विदेशी कपड़ों की होली जलायी थी, तब बालगंगाधर तिलक ने अपने पत्र ‘‘केसरी‘‘ में उनको शिवाजी के समान बताकर प्रशंसा की थी। सावरकर द्वारा विदेशी वस्त्र दहन की इस घटना के 16 साल बाद महात्मा गांधी ने 11 जुलाई 1921 को उनके मार्ग पर चलते हुए मुंबई के परेल में विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार किया था। ऐसे राष्ट्रभक्त सावरकर जी के विरूद्ध कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अपमानित करने का कृत्य निंदनीय और माफी योग्य नहीं है।
पत्रकार वार्ता में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक देवेन्द्र वर्मा, जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल, खंडवा महापौर अमृता अमर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष कंचन तनवे, बुरहानपुर महापौर माधुरी अतुल पटेल, अरूणसिंह मुन्ना, सूरजपाल सोलंकी, अशोक मिश्रा, अमर यादव, सुनील जैन, मंगलेश तोमर, श्रृंगी उपाध्याय सहित अन्य जनप्रतिनिधि व पार्टी पदाधिकारीगण उपस्थित थे।



