नई दिल्ली | 14 मई, 2026 ब्यूरो रिपोर्ट
भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देते हुए रूसी संघ के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस उच्च स्तरीय बैठक में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के साथ-साथ ज्वलंत वैश्विक संकटों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के मुख्य बिंदु:
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द्विपक्षीय प्रगति की समीक्षा: विदेश मंत्री लावरोव ने दिसंबर 2025 में आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद से दोनों देशों के बीच सहयोग में हुई प्रगति का विवरण प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया।
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क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दे: चर्चा का मुख्य केंद्र यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के मौजूदा हालात रहे। दोनों नेताओं ने इन स्थितियों के वैश्विक प्रभाव और क्षेत्रीय स्थिरता पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।
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शांति का भारतीय दृष्टिकोण: प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर भारत के अडिग रुख को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संघर्ष का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति (Dialogue and Diplomacy) के माध्यम से ही संभव है।
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मैत्रीपूर्ण संदेश: मुलाकात के अंत में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
महत्वपूर्ण संदर्भ
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीति में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। दिसंबर 2025 की शिखर बैठक के बाद यह मुलाकात दर्शाती है कि भारत और रूस अपने विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक संबंधों को निरंतर गति दे रहे हैं।
संपादकीय नोट: भारत ने लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति और बातचीत का पक्ष लिया है, और आज की यह मुलाकात इसी “शांति दूत” की भूमिका को और सुदृढ़ करती है।



