भोपाल | 22 अप्रैल, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और किसानों के उत्थान के लिए कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने भू-अधिग्रहण मुआवजे में भारी बढ़ोतरी के साथ-साथ सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में 33,985 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी है।
किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात: अब मिलेगा 4 गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के हित में सबसे बड़ा फैसला लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि अधिग्रहण के लिए ‘गुणन कारक’ (Multiplication Factor) को 1.0 से बढ़ाकर 2.0 कर दिया है।
इसका सीधा लाभ: अब किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि के बदले बाजार दर का 4 गुना मुआवजा मिलेगा (पहले यह 2 गुना था)। यह निर्णय पूरे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई परियोजनाओं, सड़कों और बांधों के निर्माण के लिए ली जाने वाली जमीन पर लागू होगा। शहरी क्षेत्रों में यह कारक यथावत 1.0 ही रहेगा।
अधोसंरचना और सड़क विकास: ₹25,164 करोड़ का बजट
लोक निर्माण विभाग के तहत विकास कार्यों को गति देने के लिए कैबिनेट ने 25,164 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इसमें मुख्य प्रावधान निम्न हैं:
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सड़क निर्माण: म.प्र. सड़क विकास निगम के माध्यम से 2031 तक सड़कों के निर्माण के लिए ₹7,212 करोड़।
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ग्रामीण मार्ग: जिला मार्गों के उन्नयन के लिए ₹6,150 करोड़।
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पुल निर्माण: वृहद पुलों के निर्माण हेतु ₹9,950 करोड़ की स्वीकृति।
सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार: उज्जैन और छिंदवाड़ा को लाभ
कैबिनेट ने जल संसाधन क्षेत्र में दो प्रमुख परियोजनाओं को हरी झंडी दी:
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इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई (उज्जैन): ₹157.14 करोड़ की इस परियोजना से झारड़ा तहसील के 35 गांवों की 10,800 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
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छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स: यहां विस्थापितों के लिए ₹969 करोड़ के विशेष पुनर्वास पैकेज को मंजूरी दी गई है। यह पैकेज केन-बेतवा परियोजना के समकक्ष होगा और पांढुर्णा व छिंदवाड़ा के 628 गांवों की प्यास बुझाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा निवेश: CM-CARE 2025 योजना
प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को हाई-टेक बनाने के लिए ₹5,479 करोड़ का प्रावधान किया गया है:
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सुपर स्पेशलिटी सेवाएं: ₹3,628 करोड़ की लागत से कैंसर (ऑन्कोलॉजी), कार्डियोलॉजी और अंग प्रत्यारोपण इकाइयों का सुदृढ़ीकरण होगा।
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मंडला मेडिकल कॉलेज: स्थल परिवर्तन के कारण इसकी लागत संशोधित कर ₹347.39 करोड़ कर दी गई है।
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परिजन आवास: अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों में परोपकारी संस्थाओं के सहयोग से मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए ‘परिजन आवास’ बनाए जाएंगे, जिससे अस्पताल परिसर में स्वच्छता और सुव्यवस्था बनी रहे।
शिक्षा और युवा कल्याण: साइकिल योजना को विस्तार
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निःशुल्क साइकिल योजना: ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए इस योजना को 2031 तक निरंतर रखने हेतु ₹990 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
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यंग प्रोफेशनल प्रोग्राम: विकास कार्यों में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के तीसरे चरण हेतु ₹24 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
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छठवां राज्य वित्त आयोग: आयोग के कार्यों के सुचारू संपादन के लिए 15 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
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शिक्षक प्रशिक्षण: संस्थानों के सुदृढ़ीकरण और वेतन भत्तों के लिए ₹1,200 करोड़ स्वीकृत।
संपादकीय टिप्पणी: आज की कैबिनेट के फैसले यह स्पष्ट करते हैं कि सरकार का फोकस ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर’ के साथ-साथ ‘इक्विटी’ (न्याय) पर भी है। भूमि मुआवजे को दोगुना करना न केवल किसानों के असंतोष को कम करेगा बल्कि भविष्य की विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी सुगम बनाएगा।



