पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र बना मप्र का ग्रोथ इंजन, सीएम मोहन यादव ने किया ₹272 करोड़ के नए प्लांट का उद्घाटन
भोपाल/धार: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में वैश्विक कंपनी लिउगोंग इंडिया (LiuGong India) के नए विस्तारित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का भव्य उद्घाटन किया। ₹272 करोड़ के अतिरिक्त निवेश से तैयार हुई यह प्रोडक्शन यूनिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीथमपुर प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का असली ‘ग्रोथ इंजन’ है, जहां ‘मेक इन एमपी’ का एक मजबूत और आत्मनिर्भर सपोर्टिंग इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एलान किया कि पिछले दो वर्षों के भीतर मध्य प्रदेश में करीब 10,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आ चुका है, जो राज्य की बेहतरीन औद्योगिक नीतियों का सीधा प्रमाण है।
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उत्पादन क्षमता में भारी बढ़ोतरी: दुनिया की दिग्गज हैवी अर्थ मूवर्स प्रोड्यूसर लिउगोंग कंपनी की पीथमपुर यूनिट में अब सालाना मशीनों का उत्पादन 3,250 से बढ़कर 7,500 हो जाएगा।
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5,000 युवाओं को रोजगार: इस नई उत्पादन इकाई के शुरू होने से सप्लाई चेन और सहायक उद्योगों के माध्यम से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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भारतीय कंपोनेंट्स की हिस्सेदारी बढ़ी: प्लांट चालू होते ही हेवी मशीनरी में भारतीय कल-पुर्जों (कंपोनेंट्स) का उपयोग 40% से बढ़कर सीधे 60% हो जाएगा, जिससे स्थानीय MSME सेक्टर को बड़ी मजबूती मिलेगी।
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रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव: वर्ष 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही मध्य प्रदेश को ₹76,862 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 82 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।
पीथमपुर बना देश का ‘मैन्युफैक्चरिंग गेटवे’: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि विकास को धरातल पर उतारती है। पीथमपुर सिर्फ मध्य प्रदेश का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का “मैन्युफैक्चरिंग गेटवे” बन चुका है। मात्र एक महीने के भीतर पीथमपुर में दूसरी बड़ी वैश्विक कंपनी द्वारा अपनी नई यूनिट शुरू करना यह दिखाता है कि दुनिया भर के बड़े उद्योगपतियों का भरोसा मध्य प्रदेश पर लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पीथमपुर ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री का भी एक बहुत बड़ा हब है, जहां अब तक लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है और 4 से 5 लाख लोगों को आजीविका मिल रही है।
कपास उत्पादक किसानों के लिए वरदान बनेगा ‘पीएम मित्र पार्क’
धार जिले के आर्थिक महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहीं पर देश के पहले ‘पीएम मित्र पार्क’ (PM MITRA Park) की आधारशिला रखी थी। टेक्सटाइल सेक्टर का यह विशाल पार्क मालवा और निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों के लिए वरदान सिद्ध होने जा रहा है। सरकार ‘खेत से कारखाने और कारखाने को बाजार से जोड़ने’ की नीति पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में पेप्सीको की ₹1,250 करोड़ की लागत वाली आलू प्रोसेसिंग यूनिट पर भी काम तेजी से चल रहा है, जो कृषक कल्याण वर्ष में किसानों की आय दोगुनी करने में मददगार होगी।
औद्योगिक विकास के अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स पर एक नजर
मुख्यमंत्री ने पिछले 6 महीनों में राज्य में हुए बड़े औद्योगिक बदलावों का ब्योरा साझा किया:
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सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क (भोपाल): 6 जुलाई को इसका भूमि पूजन किया गया, जिससे 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां ₹150 करोड़ की लागत से 10,000 की क्षमता वाला वर्ल्ड क्लास कन्वेंशन सेंटर भी बन रहा है।
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डिफेंस सेक्टर यूनिट (शिवपुरी): 5 जुलाई को शिवपुरी में ₹2,500 करोड़ की लागत से बनने वाली मिसाइल निर्माण इकाई की नींव रखी गई, जहां बनने वाली मिसाइलें 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होंगी।
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नीमच औद्योगिक क्षेत्र: नीमच जिले में भी ₹1,554 करोड़ की लागत से 38 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन और लोकार्पण संपन्न हुआ है।
लिउगोंग कंपनी के ग्लोबल वाइस प्रेसीडेंट श्री ल्यो ग्योबिंग और कंट्री हेड श्री वरुण विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश सरकार की सिंगल-विंडो और इन्वेस्टर-फ्रेंडली नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि पीथमपुर का यह प्लांट अब रिसर्च और मशीनरी निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख ग्लोबल सेंटर बनकर उभरेगा, जिससे भारत की घरेलू आयात पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी।
निष्कर्ष
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लिउगोंग इंडिया के नए प्लांट का विस्तार मध्य प्रदेश को हेवी अर्थ मूवर्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करता है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2025 में मिले ₹30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से ₹10 लाख करोड़ का निवेश अब धरातल पर दिखने लगा है, जो यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश आने वाले ढाई वर्षों में देश के सबसे विकसित औद्योगिक राज्यों की अग्रिम पंक्ति में शामिल होने के अपने सभी लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर लेगा।



