सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क: भोपाल को मिली देश के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर की सौगात, इसी महीने लागू होगा UCC
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर राजधानी भोपाल को एक ऐतिहासिक सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को भोपाल के कोलार क्षेत्र में सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और एक अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का विधि-विधान से भूमि-पूजन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा नीतिगत एलान करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार इसी चालू महीने (जुलाई 2026) में राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह औद्योगिक पार्क भोपाल के आस-पास एक नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, जिससे क्षेत्र के 15 हजार से अधिक युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
-
रोजगार की बड़ी सौगात: 70 हेक्टेयर में विकसित होने वाले सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से 15,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
-
समान नागरिक संहिता (UCC): मध्य प्रदेश देश के बड़े राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बनने जा रहा है, जिसकी प्रक्रिया इसी महीने पूरी की जा सकती है।
-
प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर: पार्क के भीतर 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार की क्षमता वाला अत्याधुनिक कन्वेंशन और एग्जीबिशन सेंटर बनाया जाएगा।
-
ग्लोबल निवेश का धरातल: भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2025 के 30 लाख करोड़ रुपये के कुल प्रस्तावों में से 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
इसी महीने लागू होगी समान नागरिक संहिता: मुख्यमंत्री
औद्योगिक क्षेत्र के शिलान्यास मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘एक देश – एक विधान – एक निशान’ के संकल्प को याद किया। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए, ताकि किसी के भी साथ कोई भेदभाव न हो। इसके लिए गठित विशेष कमेटी ने सभी धर्मों और समुदायों के आवश्यक सुझाव ले लिए हैं। प्रदेश की जनता की सहमति के बाद सरकार इसी महीने (जुलाई 2026) में समान नागरिक संहिता (UCC) को कानूनी रूप से धरातल पर उतारने जा रही है, जिससे मध्य प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला बड़ा राज्य बनेगा।
भोपाल बनेगा नया औद्योगिक कॉरिडोर: खेत से कारखाने तक जुड़ाव
सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप की भौगोलिक स्थिति व्यापार के लिहाज से बेहद रणनीतिक है। यह पार्क राजाभोज हवाई अड्डे से मात्र 25 किलोमीटर और रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से केवल 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भोपाल का आगामी वेस्टर्न बायपास भी यहीं से गुजरेगा, जो सीधे नर्मदापुरम रोड के माध्यम से मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ‘खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोड़ने’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। उदाहरण के लिए, गारमेंट क्लस्टर्स के विकसित होने से कपास उगाने वाले स्थानीय किसानों को सीधा फायदा होगा। कार्यक्रम में सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल ने सतगढ़ी में ₹100 करोड़ के नए निवेश की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने बताया कि यूनाइटेड किंगडम की हेलियन, कनाडा की मैककेन फूड्स और जापान की टौपान जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियां वर्तमान में मध्य प्रदेश की नीतियों से आकर्षित होकर निवेश कर रही हैं।
भोपाल गैस त्रासदी स्थल पर बनेगा भव्य स्मारक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी के ऐतिहासिक संदर्भों को छूते हुए एक और संवेदनशील घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भोपाल गैस त्रासदी के केंद्र रहे यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री स्थल पर मौजूद रासायनिक कचरे का सुरक्षित निष्पादन करेगी। इस खाली होने वाली भूमि पर गैस त्रासदी के मृतकों और पीड़ितों की स्मृति में एक भव्य स्मारक और एक नया आधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा, जो उनके प्रति राज्य की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर और स्थानीय विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने भी विचार व्यक्त करते हुए सतगढ़ी टाउनशिप को भोपाल के संतुलित विकास का नया सूर्योदय बताया।
निष्कर्ष (Conclusion)
भोपाल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का शिलान्यास केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह भोपाल को ‘झीलों की नगरी’ के साथ-साथ एक हाई-टेक औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने का रोडमैप है। इसके साथ ही, इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने का संकल्प राज्य सरकार की मजबूत राजनैतिक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है। यह कदम आने वाले समय में मध्य प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है।



