विधानसभा उपचुनाव 2026: मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार में बिगुल बजा; अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू
नई दिल्ली: देश के तीन प्रमुख राज्यों—मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने इन तीनों राज्यों की एक-एक खाली विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही संबंधित सीटों पर प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मध्य प्रदेश की 22-दतिया, गुजरात की 145-मंजलपुर और बिहार की 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर विधानसभा उपचुनाव 2026 के तहत मतदान कराया जाएगा। लोकतंत्र के इस उत्सव में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने कड़े नियम और दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
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अधिसूचना जारी: निर्वाचन आयोग ने 6 जुलाई, 2026 को तीनों राज्यों की विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी की।
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नामांकन की शुरुआत: अधिसूचना के साथ ही दतिया, मंजलपुर और बांकीपुर सीटों पर पर्चा दाखिल करने का काम शुरू हो गया है।
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सवैतनिक अवकाश का नियम: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत मतदान के दिन सभी सरकारी, निजी, दैनिक और आकस्मिक श्रमिकों को पेड हॉलिडे (सवैतनिक अवकाश) मिलेगा।
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शराबबंदी के कड़े निर्देश: मतदान समाप्ति के 48 घंटे पहले से लेकर मतगणना के दिन तक संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में ‘ड्राई डे’ यानी शराबबंदी लागू रहेगी।
जानिए क्या है विधानसभा उपचुनाव 2026 का पूरा शेड्यूल
निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, तीनों निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव की समय-सीमा बेहद सख्त रखी गई है। मुख्य चुनाव गतिविधियां और उनकी निर्धारित तिथियां इस प्रकार हैं:
सवैतनिक अवकाश अनिवार्य: उल्लंघन पर नियोक्ताओं पर लगेगा जुर्माना
मतदान प्रतिशत बढ़ाने और कामकाजी नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार का अवसर देने के लिए आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के मुताबिक, किसी भी व्यवसाय, व्यापार, औद्योगिक उपक्रम या प्रतिष्ठान में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति को, जो इस उपचुनाव में वोट डालने का हकदार है, मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा।
यह नियम दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक श्रमिकों पर भी पूरी तरह लागू होगा और उनके वेतन में कोई कटौती नहीं की जा सकती। यदि कोई नियोक्ता (मालिक) इन प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो उस पर कानूनी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, जो मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किसी औद्योगिक इकाई में कार्यरत हैं, वे भी इस पेड लीव के हकदार होंगे।
48 घंटे पहले से ‘ड्राई डे’: होटल-शराबखानों पर रहेगी नजर
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने ‘शराबबंदी दिवस’ (Dry Day) को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। अधिनियम की धारा 135सी के तहत, मतदान की समाप्ति से ठीक 48 घंटे पहले की अवधि के दौरान चुनावी क्षेत्र के भीतर किसी भी होटल, भोजनालय, दुकान या सार्वजनिक-निजी स्थान पर मादक पदार्थों की बिक्री और वितरण पर पूरी तरह रोक रहेगी। संबंधित राज्य सरकारें इसके लिए विधिवत अधिसूचना जारी करेंगी। विशेष रूप से ध्यान देने योग्य बात यह है कि मतगणना के दिन यानी 3 अगस्त, 2026 को भी पूरी तरह से शराबबंदी लागू रहेगी।
निष्कर्ष (Conclusion)
मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार की इन तीन सीटों पर होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव 2026 भले ही सीमित क्षेत्रों में हैं, लेकिन सुरक्षा और नियमों के लिहाज से निर्वाचन आयोग ने आम चुनाव जैसी मुस्तैदी दिखाई है। सवैतनिक अवकाश और शराबबंदी जैसे नियमों का कड़ाई से पालन कराना यह सुनिश्चित करता है कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न हो सके। अब देखना यह है कि इन क्षेत्रों की जनता 30 जुलाई को किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाती है।



