भोपाल, 18 मई 2026। मध्यप्रदेश में सांगठनिक अनुशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण के संदेश की अनदेखी को लेकर भाजपा संगठन और सरकार बेहद सख्त रुख में नजर आ रहे हैं। नवनियुक्त निगम, मंडल और प्राधिकरण के पदाधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री के निर्देशों के विपरीत वाहन रैलियां निकालने के मामले को सरकार और संगठन ने गंभीरता से लिया है।
इसी सिलसिले में सोमवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह के समक्ष संबंधित पदाधिकारियों को तलब किया गया, जहाँ उन्होंने अपना पक्ष रखा।
इन पदाधिकारियों ने दी सफाई
सोमवार को शीर्ष नेतृत्व के सामने उपस्थित होकर मुख्य रूप से दो बड़े पदाधिकारियों ने वाहन रैली निकालने को लेकर अपनी सफाई और विस्तृत पक्ष प्रस्तुत किया:
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श्रीमती रेखा यादव – अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग
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श्री वीरेन्द्र गोयल – अध्यक्ष, सिंगरौली विकास प्राधिकरण
अनुशासन और मर्यादा पर दी गई ‘समझाइश’
बैठक के दौरान सिर्फ स्पष्टीकरण ही नहीं लिया गया, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा संगठनात्मक अनुशासन, जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और सार्वजनिक आयोजनों की मर्यादा को लेकर गंभीर चर्चा की गई। नेतृत्व द्वारा सख्त हिदायत और समझाइश दी गई कि:
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वैश्विक संकट और आत्मनिर्भरता: वैश्विक ऊर्जा संकट के इस दौर में भारत को सुरक्षित रखने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थों का कम से कम उपयोग करना होगा।
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शीर्ष नेतृत्व का उदाहरण: कार्यकर्ताओं को याद दिलाया गया कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ऊर्जा बचत को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। यहाँ तक कि उन्होंने अपनी सुरक्षा और व्यवस्था में लगे वाहनों की संख्या भी बेहद कम कर दी है।
पार्टी का संदेश: “जब देश का शीर्ष नेतृत्व ऊर्जा संरक्षण के लिए कड़े कदम उठा रहा है, तो पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और नवनियुक्त पदाधिकारियों को भी देशहित में इन निर्देशों का अक्षरशः पालन करना चाहिए। भविष्य में इस तरह की फिजूलखर्ची और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संकट को देखते हुए देश में ऊर्जा संरक्षण (पेट्रोलियम पदार्थों की बचत) का मंत्र दिया था। इसी निर्देश के तहत सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल के नेतृत्व में संगठन लगातार काम कर रहा है। लेकिन हाल ही में नवनियुक्त पदाधिकारियों द्वारा पदभार ग्रहण करने के दौरान बड़े पैमाने पर वाहन रैलियां निकाली गईं, जो सीधे तौर पर पीएम के संदेश का उल्लंघन थीं। इसी के बाद संगठन ने तुरंत एक्शन लेते हुए इन नेताओं को तलब किया।



