भोपाल : 24 अप्रैल, 2026
मुख्य बिंदु:
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डेयरी गतिविधियों में 26 हजार गांवों को जोड़ने और प्रतिदिन 52 लाख कि.ग्रा. दुग्ध संकलन का लक्ष्य।
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दुग्ध क्षेत्र में पारदर्शिता और ब्रांड सुदृढ़ीकरण पर होगा विशेष फोकस।
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दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को किया जाएगा प्रोत्साहित।
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मोबाइल ऐप के माध्यम से होगा दुग्ध संकलन।
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जिला स्तर पर कार्यक्रमों में होगा आदर्श पशुपालकों का सम्मान।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां किसानों की आय बढ़ाने में प्रभावी रूप से सहायक हैं। किसानों की आय दोगुना करने के लिए किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार म.प्र. में डेयरी गतिविधियों का विस्तार विशेष रूप से कर रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) द्वारा प्रदेश के दुग्ध संघों को दिए जा रहे सहयोग से दुग्ध संकलन में भारी वृद्धि हुई है और किसानों को दूध के बेहतर दाम मिल रहे हैं।
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म.प्र. में डेयरी गतिविधियों का विस्तार और महिला भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहकार के भाव से म.प्र. में डेयरी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। विशेष रूप से दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की द्वितीय बैठक में निर्देश दिए कि डेयरी सहकारी कवरेज के विस्तार, नई डेयरी प्रसंस्करण, उत्पाद निर्माण और पशु चारा संयंत्र के आधुनिकीकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्ययोजना बनाई जाए।
डेयरी विकास योजना के अंतर्गत 26 हजार गांवो को जोड़ने और प्रतिदिन दुग्ध संकलन 52 लाख किलोग्राम तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
ब्रांड सुदृढ़ीकरण और पशुपालकों का सम्मान
मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में हुई इस बैठक में सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री श्री लखन पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन तथा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष श्री मीनेष शाह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री में सुधार के लिए ब्रांड सुदृढ़ीकरण और नई पैकेजिंग डिजाइन कर उत्पादों की पहुंच का विस्तार किया जाए। इसके साथ ही, आदर्श पशुपालकों को सम्मानित करने, दुधारू पशुओं की प्रदर्शनी आयोजित करने और डेयरी के संबंध में सूचना सम्प्रेषण के लिए जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
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मोबाइल ऐप से दुग्ध संकलन और तकनीकी नवाचार
बैठक में यह जानकारी दी गई कि NDDB द्वारा एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और दुग्ध संघों का कार्यअनुबंध करने के बाद वर्ष 2025-26 में 1752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है तथा 701 निष्क्रिय दुग्ध समितियों को फिर से क्रियाशील किया गया है।
वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार कि.ग्रा. दुग्ध संकलन किया जा रहा है। 153 नवीन बल्क मिल्क कूलर की स्थापना की गई है।
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डिजिटलाइजेशन: प्रदेश में दुग्ध संकलन अब मोबाइल ऐप से प्रारंभ किया जा रहा है। इससे दुग्ध प्रदायकों को दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल प्राप्त हो सकेगी।
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फील्ड मॉनिटरिंग: मैदानी अमले की मॉनिटरिंग के लिए ‘फील्ड फोर्स मॉनिटरिंग ऐप’ आरंभ किया गया है।
इसके अलावा, इंदौर में स्थापित 30 मीट्रिक टन क्षमता का दुग्ध चूर्ण संयंत्र आरंभ किया जा चुका है और शिवपुरी व ग्वालियर के संयंत्रों के सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। पीपीपी (PPP) मोड पर भी प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना को लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा।



