भोपाल : 18 दिसंबर , 2023 (प्योरपॉलीटिक्स)
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मंगलवार को दिल्ली जाकर अपने राजनीतिक पुनर्वास का रोडमैप तलाशेंगे। पार्टी हाईकमान ने चर्चा के लिए उन्हें दिल्ली बुलाया है। शिवराज यहां मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड़्डा से मिलेंगे। माना जा रहा है कि नड्डा से भेंट के बाद शिवराज की नई जिम्मेदारी को लेकर निर्णय हो सकता है। उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है या फिर वर्ष 2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। वह इसके पहले भी पार्टी में राष्ट्रीय सचिव व अन्य दायित्व निभा चुके हैं। पांच बार लोकसभा सदस्य रहने के नाते उन्हें लोकसभा चुनावों का भी अच्छा अनुभव है। बता दें कि संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने सोमवार को दिल्ली में जेपी नड्डा और अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके पहले नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय ने दोनों नेताओं से भेंट की थी। यहां शिवराज नहीं थे। तभी से यह माना जा रहा था पार्टी हाईकमान उनसे अलग से बात करेगा।
पूर्व सीएम चौहान ने कहा कि विधानसभा में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पीढ़ी परिवर्तन भी हुआ। यह स्वाभाविक प्रक्रिया है जो दोनों पक्षों में देखने को मिल रही है। मोहन यादव मुख्यमंत्री हैं तो उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष। जहां तक मैं सोचता हूं इसे बहुत सकारात्मक रूप में लेना चाहिए। शिवराज ने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊचाइयां छुएगा। मैंने लगभग 17 वर्ष मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की जनता की सेवा की। विकास हो या जनकल्याण, मुझे संतोष और गर्व है कि अपनी जनता के लिए और प्रदेश के विकास के लिए मैं बहुत काम कर पाया। स्वाभाविक तौर पर राज्य के नागरिक के नाते मेरी यही इच्छा है कि मोहन यादव के नेतृत्व में मुझसे बेहतर काम हो। सोचने के दो दृष्टिकोण हो सकते हैं। एक यह कि मैंने बहुत अच्छा किया, पर नागरिक के रूप में हम सोचें तो मैंने अच्छा किया पर इससे अच्छा मेरे बाद आने वाला मुख्यमंत्री करेगा। जिस तरह से नई सरकार ने काम शुरू किया है वह आनंद और प्रसन्नता देने वाला है। विधायक दल का नेता होने के नाते वह मेरे भी नेता हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ ही उप मुख्यमंत्री राजेद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा को शुभकामनाएं देने के साथ ही उनका सक्रिय सहयोग करूंगा। मैं विधायक हूं तो विधानसभा मेरा मंदिर है। प्रदेश की जनता की भावनाओं का प्रतिनिधित्व विधानसभा में करता रहूंगा। बुदनी क्षेत्र से मैं चुनकर आया हूं, वहां की जनता की सेवा भी मेरा दायित्व है



