भोपाल : 21 जनवरी, 2024 (प्योरपॉलीटिक्स)
500 साल बाद हम सौभाग्यशाली हैं जो वह दिन देख रहे हैं कि जिस दिन दिव्या और भव्य मंदिर में रामलला विराजमान होने वाले हैं। करोड़ों करोड़ भारतीयों का संघर्ष सफल हुआ।
जहां धर्म होता है वहीं विजय होती है। हम सब हर्षित हैं उल्लासित हैं देश प्रफुल्लित है, प्रसन्न है। फिर से दीपावली मनाई जा रही है।
हम सबके लिए जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण है और दिन है।
सवाल – आप ओरछा जा रहे हैं
अयोध्या में काफी लोग हैं और इस समय ज्यादा लोगों का जाना उचित नहीं है। लेकिन ओरछा में आपको पता है… भगवान राम दिन में वही रहते हैं और रात में अयोध्या जाते हैं यह हम लोगों का विश्वास है।
कल दिन में हम भगवान राम की पूजा करेंगे, दिन में वो रहेंगे ओरछा रात में जाएंगे अयोध्या..!
सवाल – कांग्रेस के लोग आमंत्रण स्वीकार नहीं किए हैं..
“जाको प्रभु दारुण दुःख देई।
बाकी मति पहले हर लेई।।”
विनाश काले विपरीत बुद्धि
पहले तो निमंत्रण दिया। घर आया निमंत्रण कोई अस्वीकार करता है क्या…?
अगर शादी का कार्ड भी देते हैं तो लोग कहते हैं हम जरूर आएंगे यह नहीं कहते कि हमें नहीं आना।
फिर मना कर दिया कि नहीं आना है हम निमंत्रण अस्वीकार करते हैं।
सियाराम में सब जग जानी
भारत के कण कण में राम भक्ति समाई हुई है। जन-जन के मन में राम है राम रोम – रोम में रमे हुए हैं। तो अब पश्चाताप कर रहे हैं आप कार्यालय सज रहे हैं। होर्डिंग लगा रहे हैं।
संशयात्माविनश्यति
जो संशय में होते हैं उनका विनाश सुनिश्चित है। तो कांग्रेस के तो बुरे दिन आए हैं उनका विनाश सुनिश्चित है।



