Madhya Pradesh is heading towards a constitutional crisis: संवैधानिक संकट की ओर जा रहा मध्य प्रदेश

Date:

भोपाल : 6 दिसंबर , 2023 (प्योरपॉलीटिक्स)

– शिवराज सरकार को नैतिकता के आधार पर दे देना चाहिए था इस्तीफा
– 15 वीं विधानसभा का विघटन होने के बाद 16 वीं विधानसभा का गठन होने के बाद सरकार में बने रहना संवैधानिक रूप से सही नहीं
– आचार संहिता भी खत्म हो गई, ऐसे में सरकार फैसले भी ले सकती है, पर उनकी वैधानिकता का क्या होगा

संवैधानिक संकट की ओर मध्य प्रदेश बढ़ता जा रहा है। 15 वीं विधानसभा का विघटन होने के बाद 16 वीं विधानसभा का गठन होने के बाद सरकार में बने रहना संवैधानिक रूप से सही नहीं कहा जा सकता है। ऐसी स्थिति में शिवराज सरकार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए था। आचार संहिता भी खत्म हो गई, ऐसे में सरकार फैसले भी ले सकती है, पर उनकी वैधानिकता का क्या होगा। ये ऐसे सवाल हैं जो विधि विशेषज्ञों के बीच चर्चा में बने हुए हैं। इधर शिवराज खुद को सीएम की दौड़ से बाहर बताते हुए नए लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।

शिवराज को ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ की चिंता नहीं

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दिल्ली तक इन दिनों हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है कि ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री ‘। हालांकि कोई भी इस सवाल का उत्तर नहीं दे पा रहा है। दावेदार भी अपनी संभावनाओं को तलाशते हुए दिल्ली में परिक्रमा में व्यस्त हैं। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ऐसे हैं, जो इस बात से निश्चिंत है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। हमेशा गीता के श्लोक के जरिए अपनी बात कहने वाले शिवराज अपने कर्म में व्यस्त हैं। वे सीएम की दौड़ से दूर नए लक्ष्य में जुट गए हैं। वह है मप्र में लोकसभा चुनाव में सभी 29 सीटों पर विजय हासिल करना। इसके लिए शिवराज बुधवार को कमल नाथ के गढ़ में पहुंच गए। वहां उन्होंने सभी भी की और कहा कि मैं आपके लिए मुख्यमंत्री नहीं हूं। अपन तो भैया और मामा हैं। इसके आगे दुनिया के सारे पद बेकार हैं। स्वर्ग का सिंहासन भी बेकार है। जब तक सांस है, आपकी सेवा में लगा रहूंगा। मप्र की जनता मेरी भगवान है। उन्होंने कहा कि हम मध्य प्रदेश का मिशन 29 शुरू कर रहे हैं। इसका मतलब मप्र में लोकसभा की 29 सीटें जीतने से है। पिछली बार छिंदवाड़ा रह गई थी। इस बार मिलेगी।
पिछले चुनाव में भाजपा ने राज्य की 28 सीटें जीती थीं। कसक छिंदवाड़ा में रह गई थी, जिसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ का गढ़ कहा जाता है। यहां से उनके पुत्र नकुल नाथ सांसद हैं। शायद यही कारण है कि अभी नई सरकार का गठन भी नहीं हुआ कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान छिंदवाड़ा पहुंच गए। बुधवार को लाड़ली बहना व कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मामा घूमता रहा, दादा यहीं फंस गए। कमल नाथ पर निशाना साधते हुए शिवराज ने कहा कि जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें ऐसा फंसाया कि छिंदवाड़ा से दादाजी कहीं निकले ही नहीं। मामा तो घूम रहा था और दादा यहीं फंसे रह गए। भाजपा की एकतरफा जीत हुई। उन्होंने कहा कि मैं कभी चुनाव के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र बुदनी नहीं गया। लोगों ने कह दिया था कि आपको एक लाख से ज्यादा वोटों से जिताएंगे, आप तो सरकार बनाओ। मैंने भी वादा निभाया। प्रदेश में 163 सीटें लाकर भाजपा की झोली में डाल दीं।।

लाड़ली बहनों की जीत

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लाड़ली बहनों की जीत है। लाड़ली बहनों के बाद अब अभियान होगा लखपति बहना। हर बहन को हर महीने दस हजार रुपये से ज्यादा मिलेंगे। साल में एक लाख रुपये से ज्यादा बहनों की आमदनी हो, यह मैं करके रहूंगा। इसके बिना चैन की सांस नहीं लूंगा।

 

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
3
+1
0

Author

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

spot_img

Popular

More like this
Related

वंदे मातरम् विवाद: रुबीना खान का यू-टर्न, बोलीं—राष्ट्रगीत का करती हूं सम्मान

बजट बैठक विवाद पर सियासत तेज, रुबीना खान बोलीं—गुस्से...

नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी, सीएम ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति...

देवास कलेक्टर कार्यालय में फर्जीवाड़ा, बाबुओं ने जारी किए नकली आदेश

देवास कलेक्टर कार्यालय में फर्जी दस्तावेजों के जरिए आदिवासी...

दवाइयों और मेडिकल जांच दरों में अंतर पर हाईकोर्ट में याचिका, आज सुनवाई संभव

इंदौर। दवाइयों और मेडिकल जांच की कीमतों में भारी...