मात्र आसन और प्राणायाम को ही योग बताना सही नहीं है: स्वामी शिवराजानन्द सरस्वती

Date:

11 नवंबर (प्योर पॉलिटिक्स)भोपाल

बिहार योग विद्यालय के स्वामी शिवराजानन्द सरस्वती ने आज यहां कहा कि बहुत से लोग मात्र आसन और प्राणायाम को ही योग समझ बैठते हैं तथा इसे सम्पूर्ण योग के रूप में प्रचारित करते हैं जो कि सही नहीं है।
स्वामी जी साधकों को तीन दिवसीय निःशुल्क योग साधना शिविर के उद्घाटन सत्र में सम्बोधित कर रहे थे।
योग साधना शिविर डीके 24 कैरेट, गुजराती कॉलोनी, बावड़ियां कला में आज प्रारम्भ हुआ जिसमें शहर के विभिन्न भागों से आये साधक और साधिकाएं उपस्थित थे।

स्वामी शिवराजानन्द ने कहा कि जैसे शरीर के मात्र कुछ अंगो के नाम लेने से ही शरीर का बोध नहीं होता है उसी तरह से मात्र आसन और प्राणायाम से ही संपूर्ण योग का बोध नहीं होना चाहिए। वस्तुतः योग स्वयं को जानने और अनुभव करने की एक महती क्रिया है जिसका अभ्यास योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करना चाहिए।
स्वामी जी ने समझाया कि योग अध्यात्म में प्रवेश और स्वयं को जानने की विद्या है। शरीर को निरोगी और मन पर नियंत्रण तो योग के बहुत ही छोटे लाभ है जो सहज रूप से प्राप्त हो जाते हैं।


स्वामी जी ने गुरु और योग शिक्षक के अंतर को भी परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक मात्र आसन और प्राणायाम कि क्रिया को बताते हैं जबकि गुरु के मार्गदर्शन में योग की सच्चे अर्थों में अनुभूति होती है और रोग स्वयं नष्ट हो जाते हैं।
स्वामी जी ने योग क्रिया के अंतर्गत साधकों से कई आसन करवाए। तत्पश्चात उन्होंने प्राणायाम तथा सत्र के अंत में योग निद्रा का अभ्यास करवाया।


स्वामी जी ने ‘योग निद्रा’ का अभ्यास करवाते हुए बताया कि परमहंस स्वामी सत्यानंद सरस्वती की ओर से योग निद्रा दुनिया को प्रदत्त एक अमूल्य उपहार है। यह आध्यात्म में प्रवेश का सुगम मार्ग है।
स्वामी जी ने साधकों को गहरे श्वसन का भी अभ्यास करवाया तथा इससे अपने योगचर्या में दैनिक रूप से शामिल करने से होने वाले लाभ भी बताये।

सत्र का शुभारम्भ श्री डीके गोयल जी के द्वारा स्वामी जी के स्वागत से हुआ। श्री अमृत बिन्दु जी ने शिविर का संचालन किया।
श्री अमृत बिंदु जी ने बताया कि सत्र प्रारम्भ होने के पश्चात जो लोग शिविर में भाग लेना चाहते हैं उनके लिए अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं होगा। प्रातः और सांयकालीन दोनों सत्रों का समय 6:30 बजे से 8 बजे तक है। असुविधा से बचने हेतु साधकों को 5:45 – 6 बजे तक शिविर स्थल पर पहुँच जाना चाहिए।
सत्र स्थल तक पहुँचने में सहायता हेतु या शिविर से सम्बंधित किसी भी तरह कि जानकारी हेतु निम्नलिखित मोबाइल फ़ोन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है: 7000429802,9300476574

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Saket Singh
Saket Singhhttp://purepolitics.in
MBA in Media Management from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication, Bhopal

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