भारत का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र ग्वालियर में: ₹5500 करोड़ के निवेश से मिलेंगे 18,000 रोजगार
मुंबई/भोपाल: भारत को दूरसंचार उपकरणों के वैश्विक विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में देश का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (Telecom Manufacturing Zone – TMZ) आकार लेने जा रहा है। मुंबई में आयोजित उच्चस्तरीय निवेशक एवं रणनीतिक गोलमेज बैठकों के दौरान दुनिया और देश की अग्रणी तकनीकी कंपनियों ने इस परियोजना के तहत ₹5,500 करोड़ से अधिक के निवेश और 18,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने की मजबूत प्रतिबद्धता जताई है।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दूरसंचार विभाग (DoT) तथा सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) द्वारा आयोजित इन दोनों बैठकों की संयुक्त अध्यक्षता की।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
-
₹5,500+ करोड़ का कुल निवेश: दिल्ली में आयोजित पूर्व बैठक में ₹3,500 करोड़ और मुंबई बैठक में ₹2,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
-
18,000 से अधिक रोजगार: इस मेगा टेलीकॉम क्लस्टर के चालू होने से 18,000 से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
-
170 एकड़ में एकीकृत क्लस्टर: ग्वालियर में 170 एकड़ भूमि पर ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए 30 जुलाई 2026 को आधिकारिक MoU पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
-
दिग्गज टेक कंपनियों की सहभागिता: क्वालकॉम, एरिक्सन, नोकिया, टीसीएस, टेक महिंद्रा, रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी प्रमुख कंपनियों ने इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की है।
-
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का निमंत्रण: केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने निवेशकों को 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित होने वाले ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस’ के लिए भी आमंत्रित किया।
‘सेवा प्रदाता से उत्पाद निर्माता बनने का समय’: सिंधिया
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भारत के विनिर्माण रोडमैप को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत को अब केवल दूरसंचार सेवाओं का उपभोग करने वाले देश से निकलकर दूरसंचार उत्पादों का निर्माता बनना होगा।
मंत्रालय की त्रि-स्तरीय रणनीति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य भारत में बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) का निर्माण करना, घरेलू मूल्यवर्धन को बढ़ावा देना और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बने दूरसंचार उत्पादों को वैश्विक बाजार के हर कोने तक पहुंचाना है।
ग्वालियर टीएमजेड (TMZ) निवेश रोडमैप
│
┌───────────────────────────────┴───────────────────────────────┐
▼ ▼
दिल्ली बैठक प्रतिबद्धता मुंबई बैठक प्रतिबद्धता
• निवेश: ₹3,500 करोड़ • निवेश: ₹2,000+ करोड़
• रोजगार: 14,000 पद • रोजगार: 4,000+ पद
│ │
└───────────────────────────────┬───────────────────────────────┘
▼
कुल निवेश: ₹5,500+ करोड़ | कुल रोजगार: 18,000+
मध्य प्रदेश बना हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग की पहली पसंद
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वैश्विक और भारतीय उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए राज्य में निवेश का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश औद्योगिक नीतियों, अवसंरचना और कानून-व्यवस्था के मामले में देश का सबसे अनुकूल राज्य बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार का यह साझा प्रयास मध्य प्रदेश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का अहम हिस्सा बनाएगा और ग्वालियर-चंबल अंचल के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगा।
वैश्विक दिग्गज स्थापित करेंगे ग्लोबल सर्विस और आरएंडडी सेंटर
बैठक में क्वालकॉम, एरिक्सन, नोकिया जैसी आठ वैश्विक कंपनियों के साथ-साथ भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों (TCS और Tech Mahindra) ने ग्वालियर टीएमजेड में अपने ग्लोबल सर्विस सपोर्ट और डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने में रुचि जताई है।
इसके अतिरिक्त, निजी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं – रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने अपने वेंडर इकोसिस्टम को ग्वालियर में मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन इकाइयां लगाने के लिए प्रोत्साहित करने का भरोसा दिया है।
निष्कर्ष (Conclusion)
ग्वालियर में भारत के पहले दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (TMZ) की स्थापना न केवल मध्य प्रदेश के लिए औद्योगिक क्रांति का प्रतीक है, बल्कि यह केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के विजन को धरातल पर उतारने वाला एक निर्णायक कदम साबित होगा।


