किसानों को समर्पित वर्ष 2026 में मोहन सरकार की चुनौतियां, एमएसपी पर खरीद बन रही मुसीबत

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MP News: किसान वर्ष 2026 के जरिए मुख्यमंत्री मोहन यादव का ‘मास्टर स्ट्रोक’, खेती को उद्योग बनाने की तैयारी

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के किसानों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है। सरकार ने न केवल गेहूं की एमएसपी खरीद पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस घोषित किया है, बल्कि वर्ष 2026 को ‘किसान वर्ष’ के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत गेहूं की खरीद अब 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर होगी।

आर्थिक चुनौतियां और निवेश का संतुलन

जहाँ एक ओर किसान कल्याण और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं (जिसकी राशि बढ़ाकर 1500 रुपये की जा चुकी है) से खजाने पर दबाव बढ़ा है, वहीं मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास से इसकी भरपाई की योजना बनाई है। वर्तमान में राज्य नागरिक आपूर्ति निगम पर 62 हजार करोड़ का कर्ज है, लेकिन सरकार ने 32 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को आकर्षित कर एक नई उम्मीद जगाई है।

“मुख्यमंत्री का लक्ष्य मध्य प्रदेश की दूध उत्पादन में भागीदारी को 9% से बढ़ाकर 20% करना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।”

खेती में तकनीक और आधुनिकता का समावेश

2026 को किसान वर्ष बनाने के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे पर काम शुरू कर दिया है। बिजली की समस्या के समाधान के लिए 32 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जा रहे हैं। साथ ही नदी जोड़ो परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों की तस्वीर बदलने की तैयारी है:

  • केन-बेतवा लिंक: 10 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता।
  • पार्वती-कालीसिंध परियोजना: 6.13 लाख हेक्टेयर खेती को मिलेगा पानी।
  • ग्लोबल एक्स्पोजर: पशुपालकों को आधुनिक तकनीक सीखने के लिए ब्राजील भेजा जाएगा।

कृषि उद्यमिता और युवा स्वरोजगार

मुख्यमंत्री मोहन यादव का मानना है कि किसान केवल उपज पैदा करने वाला न रहे, बल्कि वह ‘उद्यमी’ बने। इसके लिए आईटीआई (ITI) में कृषि विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है। किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा औषधीय और पुष्प खेती (Floriculture) के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि उनकी आय के स्रोत बढ़ सकें।

सांस्कृतिक उत्सवों के जरिए जागरूकता

किसानों को जोड़ने के लिए सरकार ने विभिन्न महोत्सवों की रूपरेखा तैयार की है। मई में भोपाल में आम महोत्सव, सितंबर में बालाघाट में मखाना महोत्सव और नवंबर में नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

प्रदेश में अगले साल होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले, मोहन यादव का यह ‘किसान केंद्रित’ एजेंडा प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेगा।

 

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Saket Singh
Saket Singhhttp://purepolitics.in
MBA in Media Management from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication, Bhopal

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