भोपाल |रुद्र सिंह
मध्य प्रदेश में संगठन को मजबूत कर पैर जमाने में जुटी कांग्रेस निगरानी तंत्र को भी मजबूत कर रही है । पार्टी जिन कार्यक्रमों को शुरू कर रही है , हाईकमान अब जिलों की त्रैमासिक रिपोर्ट तैयार कराएगा । इसमें जिला से लेकर पंचायत स्तर की समितियों की गतिविधियों का लेखा-जोखा रहेगा। इससे कमजोर कड़ियों की पहचान होगी और उसके आधार पर कार्य योजना तैयार की जाएगी। वहीं, जो अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित करने के साथ उनके प्रयासों को अन्य जिलों में भी लागू करवाया जाएगा। जिलों की रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश संगठन के कामकाज का भी आकलन होगा और जो प्रतिवेदन तैयार होगा, उसे केंद्रीय संगठन को भेजा जाएगा। इस काम की कमान पहली बार नियुक्त किए गए जिला संगठन महासचिव संभालेंगे। इसके लिए इन्हें प्रशिक्षित भी किया जाएगा। पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में होगा, जिसमें इनकी भूमिका स्पष्ट की जाएगी।
प्रदेश में संगठन के सशक्तीकरण के लिए वर्ष 2025 को संगठन वर्ष के रूप में मनाया गया। पार्टी के नेता राहुल गांधी की पहल पर संगठन सृजन अभियान चलाया गया। पहली बार एक साथ सभी 71 जिलों में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर जिला अध्यक्ष नियुक्त किए गए। 900 से अधिक ब्लाक अध्यक्ष बनाए गए। संगठन के महत्व को देखते हुए जिला कार्यकारिणी अधिकतम 51 सदस्यों की कर दी। मंडलम और पंचायत स्तरीय समितियों का गठन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में अब यह तय किया गया है कि प्रत्येक जिले की त्रैमासिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें जिला स्तर पर कार्यरत सभी इकाइयों के कामकाज का लेखा-जोखा रहेगा। यह काम पहली बार जिलों में नियुक्त किए गए संगठन महासचिव की देख-रेख में होगा। ये जिला इकाई द्वारा जिले में संगठन को सशक्त बनाने के लिए उठाए गए कदम, आमजन से संपर्क व संवाद कार्यक्रम, पार्टी की गतिविधियों में सहभागिता, मतदाता सूची के शुद्धीकरण के प्रयास सहित अन्य विषयों पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इससे कमजोर कड़ियां चिन्हित हो जाएंगी।
उन्हें बदलने या फिर कोई सुधारात्मक उपाय किए जाने हैं, वे निर्धारित किए जाएंगे। जिलों की रिपोर्ट के आधार पर ही प्रदेश संगठन के कामकाज का आकलन होगा क्योंकि प्रदेश इकाई जो भी दिशानिर्देश देती है, उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने का दायित्व भी उसका ही होता है। संगठन महामंत्री संजय कामले का कहना है कि संगठन महासचिव की भूमिका क्या है, उन्हें कौन-कौन से काम करने हैं, रिपोर्टिंग का सिस्टम क्या रहेगा और किस-किस मापदंड पर जिला इकाइयों की समीक्षा की जानी है, यह सब प्रशिक्षण के दौरान बताया जाएगा।
पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार 16 मार्च को होगा। इसमें प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश संगठन के प्रभारी हरीश चौधरी उपस्थित रहेंगे।



