उमा भारती के बगावती सुर, लोधी समाज से कहा- अपना हित देखकर देना वोट

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भोपाल : 28 दिसम्बर, 2022 (प्योरपॉलीटिक्स)

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के सुर एक बार फिर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। इंटरनेट मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें लोधी समाज के सम्मेलन में कह रही हैं कि मेरे कहने पर भाजपा को वोट देने की जरूरत नहीं है, मैं नहीं कहती कि लोधियों, तुम भाजपा को ही वोट दो। हम प्यार के बंधन में बंधे हैं, पर राजनीति के बंधन से आप मेरी तरफ से आजाद हैं। आप अपना वोट अपना मान- सम्मान और हित देखकर देना। उमा का यह बयान विधानसभा चुनाव से पहले आने से भाजपा में हलचल है।

गौरतलब है कि लोधी समाज के नेता और उमा के खास समर्थक प्रीतम लोधी को भाजपा ने बर्खास्त कर दिया था, तभी से उमा पार्टी से नाराज बताई जा रही हैं। प्रीतम ने भी ओबीसी महासभा का गठन कर भाजपा के विरुद्ध चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। उमा भारती के इस बयान से भाजपा के ओबीसी वोट बैंक का झटका लग सकता है।

उमा भारती भी इसी समाज से आती हैं। उनका यह वीडियो भोपाल में रविवार को हुए लोधी समाज के सम्मेलन का है। उमा भारती इन दिनों छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट के दौरे पर भी जा रही हैं।

हाशिए पर उमा भारती-

मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रहीं उमा भारती ने 2019 का लोकसभा चुनाव अपनी मर्जी से नहीं लड़ा था, तब से वे सियासत की मुख्यधारा से बाहर हैं। मोदी सरकार में मंत्री होने के साथ ही उमा भारती भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अमित शाह की टीम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुआ करती थीं, लेकिन जेपी नड्डा के कार्यकाल में उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में स्थान नहीं मिल पाया था। तभी से उमा भारती भाजपा के लिए समय-समय पर मुश्किलें खड़ी करती दिखाई पड़ रही हैं। उन्होंने कई बार ट्वीट कर मोदी सरकार को गंगा सफाई अभियान में कठघरे में खड़ा किया। मप्र में तो वे पूर्ण शराबबंदी की मांग पर अड़ी हुई हैं। अपनी इस मांग के समर्थन में उमा शराब की कुछ दुकान में तोड़-फोड़ भी कर चुकी हैं। कुछ दिन पहले मुम्बई जाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत से भी मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि उमा ने वहां भी पार्टी में अपनी उपेक्षा का रोना रोया था।

प्रीतम लोधी को मिलेगी ताकत-

ब्राह्मण वर्ग के प्रति अपशब्द बोलने के मामले में भाजपा द्वारा प्रीतम लोधी को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था, इस फैसले से भी उमा नाराज हैं। दरअसल, प्रीतम उनके खास समर्थक माने जाते हैं। इसके बाद से प्रीतम लोधी ने ओबीसी महासभा का गठन कर भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। उमा भारती के बयान से प्रीतम लोधी को और ताकत मिलेगी।

पुनर्वास न होने से खफा हैं-

भाजपा के खिलाफ उमा भारती के बगावती सुर पहली बार सामने नहीं आए हैं, पहले भी वे भाजपा छाेड़ चुकी हैं। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद वे लंबे समय तक पुन: सीएम बनने के प्रयास करती रहीं। जब सफल नहीं हुईं तो उन्होंने भारतीय जनशक्ति पार्टी का गठन किया था और भाजपा के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। बाद में जब वे भाजपा में लौटीं तो संगठन ने उन्हें मप्र की राजनीति से अलग कर उत्तर प्रदेश भेज दिया था। पार्टी ने उमा को सम्मान देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी, मप्र के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर विधानसभा का चुनाव लड़ने को लेकर चर्चाएं थीं। बाद में उन्हें झांसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़वाया गया था। पिछला लोकसभा चुनाव उन्होंने अपनी इच्छा से नहीं लड़ा और अब वे अपने पुनर्वास के लिए संगठन पर दबाव बना रही हैं

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Saket Singh
Saket Singhhttp://purepolitics.in
MBA in Media Management from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication, Bhopal

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