
इंदौर। दवाइयों और मेडिकल जांच की कीमतों में भारी अंतर को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर बुधवार को जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ में सुनवाई होने की संभावना है।
वरिष्ठ अभिभाषक विजय कुमार आसुदानी के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक ही फार्मूले की दवाइयों के दाम अलग-अलग कंपनियों में तीन से चार गुना तक भिन्न हैं। उदाहरण के तौर पर पैरासिटामॉल जैसी सामान्य दवा एक कंपनी में 5 रुपए में उपलब्ध है, जबकि अन्य कंपनियों में इसकी कीमत कई गुना अधिक है। याचिका में इस तरह की कई दवाइयों और उनके अलग-अलग दामों की सूची भी प्रस्तुत की गई है।
मेडिकल जांच के क्षेत्र में भी इसी तरह की असमानता का मुद्दा उठाया गया है। याचिका के अनुसार, विभिन्न निजी लैब और अस्पताल एक ही जांच के लिए अलग-अलग शुल्क वसूलते हैं। कई मामलों में डॉक्टर सस्ती लैब की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करते और मरीजों को दोबारा महंगी जांच कराने के लिए मजबूर किया जाता है।
याचिका में अदालत से मांग की गई है कि दवाइयों और जांच दरों में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएं। साथ ही, करीब दस साल पहले बनाए गए कानून का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए हैं और इसे जल्द लागू कराने की मांग की गई है।



