नई दिल्ली | 1 अप्रैल 2026
भारत के विशाल समुद्री तटों पर रहने वाले मछुआरों और तटीय समुदायों की सुरक्षा और आर्थिक उन्नति के लिए भारत सरकार ने अपनी सूचना प्रणालियों को और अधिक सशक्त बना दिया है। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में जानकारी दी कि भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) द्वारा संचालित अत्याधुनिक चेतावनी प्रणालियाँ अब देश के सभी तटीय राज्यों में प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं।
तटीय सुरक्षा का नया कवच: ‘SAMUDRA’ मोबाइल ऐप
INCOIS ने SAMUDRA (Smart Access to Marine Users for Ocean Data Resources and Advisories) नामक एक बहुभाषी मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया है। यह ऐप समुद्री उपयोगकर्ताओं के लिए एक ही स्थान पर सभी समाधान प्रदान करता है:
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वास्तविक समय की चेतावनी: सुनामी, तूफानी लहरों (Storm Surges) और ऊंची समुद्री लहरों की तत्काल सूचना।
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मछली पकड़ने में आसानी: संभावित मत्स्य पालन क्षेत्र (PFZ) के बारे में सटीक सलाह, जिससे मछुआरों का समय और ईंधन बचता है।
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5-दिवसीय पूर्वानुमान: समुद्र की स्थिति का 5 दिन पहले का सटीक अनुमान, ताकि नाविक अपनी यात्रा की योजना सुरक्षित रूप से बना सकें।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर विशेष ध्यान
सरकार ने जानकारी दी कि इन सेवाओं का लाभ आंध्र प्रदेश के 12 और ओडिशा के 6 तटीय जिलों को प्रमुखता से मिल रहा है।
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आंध्र प्रदेश: डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिले में 5 ‘फिश लैंडिंग सेंटर’ (FLCs) के माध्यम से सीधी जानकारी पहुंचाई जा रही है। राज्य के करीब 1.03 लाख उपयोगकर्ता सीधे INCOIS से जुड़े हैं।
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ओडिशा: राज्य के 1.58 लाख से अधिक उपयोगकर्ता डिजिटल माध्यमों से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। विशेष रूप से, ओडिशा के जगतसिंहपुर और पुरी जिलों के 5-5 गांवों को यूनेस्को (UNESCO-IOC) द्वारा ‘सुनामी रेडी’ (Tsunami Ready) समुदाय के रूप में मान्यता दी गई है।
8 लाख मछुआरों तक सीधी पहुंच: बहु-चैनल संचार ढांचा
INCOIS ने सूचनाओं के प्रसार के लिए एक ‘मल्टी-चैनल’ आर्किटेक्चर तैयार किया है। सूचनाएं केवल ऐप तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन माध्यमों से भी भेजी जाती हैं:
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डिजिटल: व्हाट्सएप, टेलीग्राम, एसएमएस, और ईमेल।
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सैटेलाइट: GEMINI प्लेटफॉर्म और VOIP फोन (दूरदराज के इलाकों के लिए)।
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स्थानीय: सामुदायिक रेडियो और सोशल मीडिया।
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SACHET प्लेटफॉर्म: कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल (CAP) के तहत जिला प्रशासन को त्वरित अलर्ट।
साझेदारी और जागरूकता अभियान
इस मिशन को धरातल पर उतारने के लिए रिलायंस फाउंडेशन, एम.एस. स्वामीनाथन फाउंडेशन और राज्य मत्स्य विभागों जैसे संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है। इसके अलावा, तटीय क्षेत्रों में सुनामी मॉक ड्रिल और समुद्र तट स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि आपातकालीन स्थिति में जान-माल का नुकसान न्यूनतम हो।
निष्कर्ष: सरकार का लक्ष्य ‘सागर वाणी’ प्रणाली के माध्यम से अंतिम व्यक्ति (Last Mile Connectivity) तक समुद्री सूचना पहुंचाना है, जिससे न केवल तटीय आपदाओं से सुरक्षा सुनिश्चित हो, बल्कि मछुआरों की आजीविका में भी सुधार आए।



