भोपाल : 11 दिसंबर , 2023 (प्योरपॉलीटिक्स)
– डा.मोहन यादव, नरेंद्र सिंह तोमर की भूमिका तय होने के बाद किया जा रहा मंथन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए डा.मोहन यादव का चयन किए जाने के बाद भाजपा के कद्दावर नेताओं की भूमिका को लेकर मंथन शुरू हो गया है। दरअसल, पार्टी ने सुनियोजित तरीके से केंद्रीय मंत्रियों समेत सात सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाया था। इनमें फग्गन सिंह कुलस्ते और गणेश सिंह चुनाव हार गए। नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाकर सम्मानजनक स्थान दिया पर कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, गोपाल भार्गव की भूमिका तय होना बाकी है। गाडरवारा से विधायक राव उदयप्रताप सिंह और सीधी से विधायक रीति पाठक को मंत्री बनाया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार जिस तरह से राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा का चयन उप मुख्यमंत्री के लिए किया गया है, उससे कद्दावर नेताओं की आगामी भूमिका क्या होगी, इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है। गोपाल भार्गव नौ बार के विधायक हैं।ऐसे में उन्हें मंत्रिमंडल में समायोजित किए जाने पर संशय की स्थिति है। यही स्थिति प्रहलाद सिंह पटेल और राकेश सिंह की भी है। वैसे भी ओबीसी वर्ग से मुख्यमंत्री और सामान्य वर्ग से विधानसभा अध्यक्ष तय कर लिए गए हैं। संभावना यह भी जताई रही है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं को फिर लोकसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है।
– उधर, मंत्रिमंडल के गठन को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं। इसमें भूपेंद्र सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, विजय शाह, रमेश मेंदोला, प्रद्युम्न सिंह तोमर, अर्चना चिटनीस, संजय पाठक, मीना सिंह, निर्मला भूरिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, रामेश्वर शर्मा या कृष्णा गौर, राव उदय प्रताप सिंह, रीति पाठक, डा.प्रभुराम चौधरी, हेमंत खंडेलवाल, चेतन्य काश्यप और ओमप्रकाश धुर्वे को क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के आधार पर शामिल किया जा सकता है।
तोमर के साथ मोहन यादव ने की लंबी बैठक- उधर, डा. मोहन यादव देर शाम नरेंद्र सिंह तोमर के आवास पहुंचे। सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच शपथ ग्रहण कार्यक्रम, मंत्रिमंडल के गठन से लेकर अन्य विषयों को लेकर चर्चा हुई।
सामयिक अध्यक्ष के लिए नाम प्रस्तावित करेंगे मुख्यमंत्री- विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को विधानसभा की सदस्यता की शपथ सामयिक अध्यक्ष दिलाएंगे। इसके लिए राज्यपाल को मुख्यमंत्री द्वारा नाम प्रस्तावित किया जाएगा।
शपथ विधि पूरी होने के बाद अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। चूंकि, विधानसभा में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है इसलिए नरेंद्र सिंह तोमर का निर्वाचन निर्विरोध होगा।



