लखनऊ: 28 मार्च , 2024 (प्योरपॉलीटिक्स)
-14 अक्टूबर 1997 को गाजीपुर में रजिस्टर्ड हुआ, 18 साल से जेल में
इंटर स्टेट गैंग 191 का सरगना मुख्तार अंसारी 25 अक्टूबर, 2005 से जेल में निरुद्ध था। पुलिस उसके गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उनकी संपत्ति को भी ध्वस्त व जब्त किया गया।
मुख्तार का गिरोह 14 अक्टूबर 1997 को गाजीपुर में रजिस्टर्ड हुआ था। 29 नवंबर 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड के बाद पुलिस ने इस पर शिकंजा कसना शुरू किया।
पुलिस ने मुख्तार अंसारी गिरोह व उसके सहयोगियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए उनके आय के श्रोत को भी बंद किया। गिरोह के 292 सहयोगियों को चिह्नित किया और इनके खिलाफ विभिन्न थाना क्षेत्रों में 160 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। गिरोह के पास मौजूद शस्त्रों की जांच की गई। इनमें से 175 शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया। गिरोह के 164 सदस्यों के विरुद्ध गैंगस्टर व छह के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े बदमाशों जिनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए थे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की। गिरोह से जुड़े पांच बदमाशों को अलग-अलग स्थानों पर हुई मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस ने अपराध से अर्जित की गई संपत्ति के खिलाफ भी जबरदस्त कार्रवाई की। मुख्तार व उसके गिरोह की अब तक 605 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त व ध्वस्त कराई गई है। इनमें से लगभग 318 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है, जबकि 287 करोड़ से अधिक की संपत्ति ध्वस्त व अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई है। पुलिस ने गिरोह के 215 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार को बंद करा दिया है। गिरोह की मदद करने वालों को खिलाफ कार्रवाई जारी है। पुलिस उनकी संपत्ति की जानकारी भी जुटा रही थी।



