भोपाल : 2 फरवरी, 2024 (प्योरपॉलीटिक्स)
विद्या भारती मध्यभारत प्रांत के प्रस्तावित ‘सम्राट विक्रमादित्य सैनिक स्कूल ‘ का भूमिपूजन समारोह 5 फरवरी को आयोजित होगा। समारोह मंडलेश्वर अनंत विभूषित ईश्वरानंद ब्रह्मचारी (महर्षि उत्तम स्वामी) के पावन सान्निध्य में होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी होंगे और अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। आयोजन के विशिष्ट अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विद्या भारती के अखिल भारतीय सहसंगठन मंत्री श्रीराम अरावकर, नेशनल स्टाक एक्सचेंज ऑफ इंडिया के प्रबंध संचालक आशीष कुमार चौहान एवं एनएचडीसी लिमिटेड के प्रबंध संचालक विजय कुमार सिन्हा होंगे। सीहोर जिले की बुदनी तहसील के ग्राम बगवाड़ा में प्रस्तावित सैनिक स्कूल की भूमि पर सोमवार 5 फरवरी को दोपहर 2 बजे से भूमिपूजन समारोह होगा।
विद्या भारती मध्यभारत प्रांत द्वारा प्रदेश के सीहोर ज़िले की बुदनी तहसील के ग्राम बगवाड़ा में सम्राट विक्रमादित्य स्कूल का निर्माण होना है। परिसर में आधुनिक शिक्षा की सुविधा, सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएं उपलब्ध रहेंगीं।
नर्मदा नदी एवं नेशनल हाईवे-46 के पास वन एवं पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे इस स्थान पर भारतीय सेना के कौशल और संस्कारों के साथ शिक्षा प्रदान की जाएगी।
इस भवन की नींव नवग्रह विधान, वास्तु पुरुष एवं अन्य सांस्कृतिक मूल्यों पर रखी जा रही है l परिसर में शैक्षणिक खंड, ऑडिटोरियम खंड, रेसीडेंशियल खंड, स्विमिंग पूल, हॉकी मैदान, हॉर्स राइडिंग, शूटिंग रेंज सहित अन्य खेलों एवं साहसिक गतिविधियों के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण की सुविधा रहेगी।
40 एकड़ में होगा विद्यालय परिसर
सम्राट विक्रमादित्य सैनिक स्कूल का परिसर लगभग 40 एकड़ का होगा। इसमें 800 छात्र और 400 छात्राओं के अध्यन की सुविधा रहेगी। विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग आवासीय परिसर बनेंगे। विद्यालय में डे बोर्डिंग की सुविधा भी रहेगी। विद्यालय का मुख्य भवन 24500 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। इसके साथ ही स्पोर्ट्स ग्राउंड, एथलेटिक्स ट्रैक, हॉकी मैदान, घुड़सवारी का मैदान, स्विमिंग पूल एवं शूटिंग रेंज भी बनाई जाएगी।
विशाल ऑडिटोरियम बनेगा
परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सभाग्रह बनाया जाएगा। वहीं प्राकृतिक दृश्यों के बीच कक्षाएं विद्यार्थियों के भीतर रचनात्मक जागने के लिए कला और शिल्प की कक्षा के लिए कक्ष होंगे।



