भोपाल : 5 फरवरी, 2024 (प्योरपॉलीटिक्स)
पूर्व सीएम ने कहा कि, शिक्षा के तीन उद्देश्य होते हैं एक ज्ञान देना, दूसरा कौशल देना और तीसरा नागरिकता के संस्कार देना।
मेरा सौभाग्य है कि, सैनिक स्कूल जैसा प्रकल्प यहां प्रारंभ हो रहा है
आज हम सब पुलकित और प्रसन्न हैं
यह मेरा क्षेत्र है, जन्मभूमि है, कर्मभूमि है, पुण्यभूमि है
शिक्षा वो है जो मनुष्य को मनुष्य बना दें
शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती ने अद्भुत काम कर रही है
जो देश के लिए जिए, जीवन वास्तव में उसका है
हमारा भारत दुनिया को राह दिखाएगा
-शिवराज सिंह चौहान
भोपाल- पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने विधानसभा क्षेत्र बुधनी में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी के साथ सम्राट विक्रमादित्य सैनिक स्कूल का भूमिपूजन किया। इस दौरान पूर्व सीएम शिवराज ने कहा कि, सा विद्या या विमुक्तये’ यह आदि गुरु शंकराचार्य जी महाराज ने कहा है कि, शिक्षा वो है जो इस लोक में भी और परलोक में भी मुक्ति दिलाए। वहीं शिक्षा के लिए और भी सरल शब्दों में स्वामी विवेकानंद जी ने कहा कि, शिक्षा वो है जो मनुष्य को मनुष्य बना दे, एक बेहतर इंसान तैयार करें, चरित्रवान, ईमानदार, परिश्रमी और देशभक्त। उन्होंने कहा कि, आज हम सब पुलकित और प्रसन्न हैं कि, यहां अद्भुत प्रकल्प प्रारंभ हो रहा है।

शिक्षा के तीन उद्देश्य
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, शिक्षा के तीन उद्देश्य होते हैं, एक ज्ञान देना, दूसरा कौशल देना और तीसरा नागरिकता के संस्कार देना। अब इस प्रकल्प में हम देखते हैं शरीर का विकास, बुद्धि का विकास, मन का विकास और आत्मा का विकास। आप देख रहे होंगे यहां तो खेल का मैदान भी है, घुड़सवारी, स्विमिंग पूल भी है, क्योंकि जो पढ़ने आये हैं उनका शरीर भी मजबूत होना चाहिए। शरीर में अगर दम नहीं है तो ना आत्मा मिलेगा, ना परमात्मा मिलेगा। मेरे जैसे दुबले-पतले शरीर से काम नहीं चलेगा अच्छा चाहिए। शारीरिक शिक्षा और बेहतर ज्ञान तो यहां है ही लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण है नागरिकता के संस्कार। भगवान श्री राम ने बताया है कि, मनुष्य कैसा हो, जो केवल अपने लिए ना जिए, अपने लिए तो सब जीते हैं कीट पतंगे भी जीते हैं। अपने लिए जिए तो क्या जिए, जो समाज के लिए, देश के लिए जिये, जीवन वास्तव में उसका है। हमें ऐसे ही नागरिक तैयार करना है।

इस स्कूल से सैनिक, सेनानायक, सेनापति निकलेंगे
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, ये स्कूल तो सैनिक स्कूल है, यहाँ से सैनिक, सेनानायक और सेनापति निकलेंगे। रोजगार तो मिलेंगे ही क्योंकि यहां शिक्षा भी मिलेगी और सेना में भर्ती भी आसान हो जाएगी। देश की सीमा की रक्षा से लेकर देश की अन्य सेवा करने का भी अवसर मिलेगा। यहां पढ़ने वाले बच्चे सचमुच में बढ़े सौभाग्यशाली होंगे। उन्होंने कहा कि, इस विद्यालय के लिए सम्राट विक्रमादित्य इस नाम के लिए भी विद्या भारती को मैं बहुत बहुत धन्यवाद देता हूँ। एक जमाना था जब हम अपने महापुरुषों को भूल ही गए थे लेकिन आज एक युग है जब हमारे महापुरुष जिन्होंने दुनिया को दिशा दिखाई उनके नाम से विद्यालय बन गए हैं। एक बार फिर मैं इस प्रकल्प को यहां स्थापित करने के लिए ह्रदय से धन्यवाद देता हूँ। मैं ये मानता हूं कि यहां से जो विद्यार्थी तैयार होंगे वो समाज के हर क्षेत्र में विशिष्ट काम करेंगे।
भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, संघ, विद्या भारती इन सबके प्रयासों से ऐसे नागरिकों का निर्माण हो रहा है जो भौतिकता की अग्नि में दग्ध विश्व मानवता को शास्वत शांति के पथ का दिग्दर्शन कराएंगे और हमारा भारत सारी दुनिया का नेतृत्व करेगा, दुनिया को सही राह दिखाएगा। साथ ही उन्होंने विद्या भारती के सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि, राजनीति में काम करने वाले लोग तो दिख जाते हैं लेकिन जो नींव के पत्थर विद्या भारती के हैं मैं उन सबको प्रणाम करता हूँ। सरकार के साथ-साथ समाज का योगदान इस प्रकल्प को बनाने में मिलेगा। हम सब मिलकर इस प्रकल्प को आगे बढ़ाएंगे।



