मप्र में डा. मोहन यादव होंगे नए मुख्यमंत्री, कैबिनेट में भी दिखेगा पीढ़ी परिवर्तन

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भोपाल । 11 दिसंबर , 2023 (प्योरपॉलीटिक्स)

-भाजपा विधायक दल की बैठक में उज्जैन दक्षिण के विधायक डा. मोहन यादव को नेता चुनने के बाद राज्यपाल मंगुभई पटेल ने किया मुख्यमंत्री नियुक्त

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने एक बार फिर सभी संभावनाओं को खारिज कर दिया। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर मध्य प्रदेश में फिर ओबीसी नेता के हाथों में ही सरकार की कमान सौंपी है तो मप्र के जरिए बिहार और उत्तर प्रदेश की यादव राजनीति को साधने का काम किया गया है। इसी रणनीति के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक संघ डा. यादव मध्य प्रदेश का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। वे 19 वें मुख्यमंत्री होंगे। ओबीसी वर्ग से आने वाले यादव को सोमवार को भोपाल में भाजपा विधायक दल का नेता चुनाव गया। उनके नाम की घोषणा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की। खट्टर को संसदीय बोर्ड ने मप्र में भाजपा का नया नेता चुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यादव के नाम का प्रस्ताव रखा और नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद सिंह पटेल और अन्य नेताओं ने समर्थन किया। इस अवसर पर अन्य पर्यवेक्षक ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण और आशा लाकरा उपस्थित थे।

नाम सुनकर खुद यादव ही चौंक गए- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब विधायक दल के नए नेता के लिए डा मोहन यादव के नाम का प्रस्ताव रखा तो खुद यादव को ही भरोसा नहीं हुआ और वे खड़े नहीं हुए। सारे विधायक भी चौंक गए। कुछ क्षणों के बाद यादव खड़े हुए, तब विधायकों ने यादव के स्वागत में तालियां बजाई।

उच्च शिक्षा मंत्री हैं यादव- यादव शिवराज कैबिनेट में उच्च शिक्षा मंत्री थे। वे उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। यादव बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक रहे हैं और उज्जैन नगर कार्यवाह के पद का दायित्व भी संभाला है। वे छात्रजीवन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में भी लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं।
शिवराज ने इस्तीफा सौंपा- बैठक के बाद मुख्यमंत्री चौहान ने राजभवन जाकर राज्यपाल डा. मंगुभाई पटेल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने चौहान को नए मुख्यमंत्री की शपथ लेने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम करने के निर्देश दिए हैं। शिवराज साढ़े अठारह वर्ष तक मप्र के सीएम रहे। चौहान भी ओबीसी वर्ग से आते हैं।

शपथ ग्रहण में आएंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी- भाजपा सूत्रों के अनुसार डा. मोहन यादव को 14 दिसंबर को शपथ दिलाई जा सकती है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल होंगे। राजधानी के जंबूरी मैदान में शपथ ग्रहण कार्यक्रम की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। उन्होंने राज्यपाल को सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत किया।
देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल होंगे डिप्टी सीएम- मुख्यमंत्री के साथ-साथ भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उपमुख्यमंत्री के रूप में विंध्य के राजेंद्र शुक्ल और अनुसूचित जाति वर्ग के जगदीश देवड़ा का नाम घोषित किया है। शुक्ल और देवड़ा भी शिवराज कैबिनेट में मंत्री हैं।

तोमर संभालेंगे विधानसभा – इधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर काे विधानसभा अध्यक्ष बनाया जाएगा। तोमर को केंद्रीय मंत्री रहते हुए विधानसभा चुनाव लड़ाया गया था। संभावना व्यक्त की जा रही थी कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। तोमर गिरीश गौतम का स्थान लेंगे।

विकास को आगे बढ़ाएंगे- यादव
भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद डा.मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास का नया आयाम खड़ा हुआ है। मोदी जी और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन की सरकार के माध्यम से विकास के नए-नए काम प्रारंभ हुए हैं। इनके बलबूते पर मध्य प्रदेश ने देश में अलग पहचान बनाई है। मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जवाबदारी दी है। यह केवल भाजपा ही है जो सामान्य से, छोटे से कार्यकर्ता को भी इतनी बड़ी जवाबदारी देती है। यही भाजपा का चरित्र है। विकास का जो कारवां प्रधानमंत्री और शिवराज सिंह चौहान ने बढ़ाया है, उसे निश्चित तौर पर आगे बढ़ाएंगे। हमारा नारा ‘मप्र के मन में मोदी और मोदी के मन में एमपी’ के आधार पर मोदी जी और शिवराज जी के विकास के सपने को लेकर चलेंगे।
विचार के लिए लगातार काम किया, स्वर्णिम मप्र बनाने का संकल्प लिया- उधर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि डा.यादव ने छात्र राजनीति से लेकर अब तक विचार के लिए लगातार काम करने का प्रयास किया है। हमने मोदी जी के मार्गदर्शन और डा. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश को स्वर्णिम बनाने का संकल्प लिया है। शर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए यादव ने नई शिक्षा नीति को देश में सबसे पहले मप्र में लागू करने का रिकार्ड बनाया है, अब वे मप्र के विकास का रिकार्ड बनाएंगे।
मप्र को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे- शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कर्मठ साथी डा.मोहन यादव को भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री मनोनीत करने पर बधाई। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आप प्रदेश को प्रगति एवं विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे तथा जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान रचेंगे।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों की सूची

नाम– कार्यकाल –विधान सभा
पं. रविशंकर शुक्ल- 01/11/1956 से 31/12/1956- प्रथम (1956-1957)
भगवंतराव मण्डलोई -09/01/1957 से 30/01/1957
12/03/1962 से 29/09/1963 प्रथम (1956-1957)
तृतीय (1962-1967)
कैलाशनाथ काटजू- 31/01/1957 से 14/04/1957
15/04/1957 से 11/03/1962- प्रथम, (1956-1957)
द्वितीय (1957-1962)
-पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र-30/09/1963 से 08/03/1967
08/03/1967 से 29/07/1967- तृतीय (1962-1967)
चतुर्थ (1967-1972)
-विजयाराजे सिंधिया- 30/07/1967 से 25/03/1969 -चतुर्थ (1967-1972)
– गोविन्द नारायण सिंह 30/07/1967 से 12/03/1969- चतुर्थ (1967-1972)
-राजा नरेशचंद्र सिंह 13/03/1969 से 25/03/1969- चतुर्थ (1967-1972)
– श्यामाचरण शुक्ल 26/03/1969 से 28/01/1972
23/12/1975 से 30/04/1977 चतुर्थ (1967-1972)
पंचम (1972-1977)
– प्रकाश चन्द्र सेठी 29/01/1972 से 22/03/1972
23/03/1972 से 23/12/1975- चतुर्थ (1967-1972)
पंचम (1972-1977)
– कैलाश जोशी 24/06/1977 से 17/01/1978-षष्टम (1977-1980)
-वीरेन्द्र कुमार सखलेचा 18/01/1978 से 19/01/1980 -(1977-1980)
– सुंदरलाल पटवा 20/01/1980 से 17/02/1980-षष्टम (1977-1980)
-अर्जुन सिंह 09/06/1980 से 10/03/1985-सप्तम (1980-1985)
– अर्जुन सिंह 11/03/1985 से 12/03/1985-अष्टम (1985-1990)
– मोतीलाल वोरा 13/03/1985 से 13/02/19-88 अष्टम (1985-1990)
-अर्जुन सिंह 14/02/1988 से 23/01/1989- अष्टम (1985-1990)
– मोतीलाल वोरा 25/01/1989 से 09/12/1989- अष्टम (1985-1990)
– श्यामाचरण शुक्ल 09/12/1989 से 01/03/1990-अष्टम (1985-1990)
-सुंदरलाल पटवा 05/03/1990 से 15/12/1992-नवम (1990-1992)
– दिग्विजय सिंह 07/12/1993 से 01/12/1998- दशम (1993-1998)
– दिग्विजय सिंह 01/12/1998 से 07/12/2003- एकादश (1998-2003)
– उमा भारती 08/12/2003 से 23/08/2004- द्वादश (2003-2008)
– बाबूलाल गौर 23/08/2004 से 29/11/2005- द्वादश (2003-2008)
– शिवराज सिंह चौहान 29/11/2005 से 11/12/2008- द्वादश (2003-2008)
– शिवराज सिंह चौहान 12/12/2008 से 09/12/2013- त्रयोदश (2008 से 2013)
– शिवराज सिंह चौहान (14/12/2013 से 12/12/2018)- चतुर्दश (2013 से 2018)
– कमल नाथ (17/12/2018 से 23/03/2020)-पंचदश (2018 – 2023)
– शिवराज सिंह चौहान (23/03/2020 से / वर्तमान )-पंचदश (2018 – 2023)

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